गंगा की रेत पर सजेगा पहला बीच हैंडबाल कोर्ट, वाराणसी में 14 अप्रैल को ऐतिहासिक प्रतियोगिता
वाराणसी: देश के विभिन्न हिस्सों में खेले जाने वाला रोमांचक खेल बीच हैंडबाल अब पहली बार वाराणसी की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। गंगा के रेतीले तट पर इस अनोखी प्रतियोगिता के लिए विशेष कोर्ट तैयार किया जा रहा है। आयोजन के तहत पहले अभ्यास मैच होंगे और फिर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इस आयोजन की सफलता के बाद शहर में बीच हैंडबाल को बढ़ावा देने की दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।
यूपी एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का आयोजन 14 अप्रैल को सुबह 8 बजे गढ़वा घाट आश्रम के सामने गंगा की रेत पर होगा। आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. एके सिंह के अनुसार प्रतियोगिता में 96 महिला खिलाड़ी भाग लेंगी, जिनमें 14 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की हैं।
बीच हैंडबाल में प्रत्येक टीम में चार खिलाड़ी होते हैं, जिसमें गोलकीपर भी शामिल रहता है। इस खेल में गोल पोस्ट का आकार पारंपरिक हैंडबाल की तुलना में छोटा होता है। खिलाड़ी रेत पर नंगे पैर खेलते हैं, जिससे खेल और अधिक चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बन जाता है। आमतौर पर यह खेल समुद्र तटों पर खेला जाता है, लेकिन अब गंगा का विशाल रेतीला क्षेत्र इसके लिए आदर्श साबित हो रहा है।
वाराणसी की महिला खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता एक नया अनुभव होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे इस खेल में अपार संभावनाएं हैं और दुनिया के कई देश इसे बढ़ावा दे रहे हैं।
गंगा के विस्तृत रेतीले क्षेत्र में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है और रेत की गुणवत्ता भी कोर्ट निर्माण के लिए अनुकूल है। हैंडबाल को दुनिया का दूसरा सबसे तेज खेल माना जाता है, वहीं बीच हैंडबाल में रफ्तार के साथ ताकत और सहनशक्ति की भी कड़ी परीक्षा होती है।
प्रतियोगिता की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश हैंडबाल संघ के अधिकारी शनिवार और रविवार को स्थल का निरीक्षण करेंगे। 13 अप्रैल को अभ्यास मैच आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके, जबकि मुख्य प्रतियोगिता 14 अप्रैल को संपन्न होगी।
