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काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का भव्य हरियाली शृंगार, सवा लाख बत्तियों से हुई महाआरती
 

 
काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का भव्य हरियाली शृंगार, सवा लाख बत्तियों से हुई महाआरती
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वाराणसी। काशी के कोतवाल बाबा श्रीकालभैरव का बुधवार को भव्य हरियाली शृंगार किया गया। इस विशेष अवसर पर बाबा कालभैरव मंदिर को फूलों, फलों और हरी सब्जियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। बाबा के नयनाभिराम स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। देर रात तक मंदिर में भक्तों की कतार लगी रही।

हरियाली शृंगार के लिए मंदिर परिसर को गेंदा, गुलाब और चमेली सहित विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। इसके साथ ही कई प्रकार के फल और हरी सब्जियों का भी सजावट में प्रयोग किया गया। फूलों और हरियाली से सजे मंदिर परिसर का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा को उनकी पारंपरिक मुंड माला के साथ फलों की माला भी धारण कराई गई। विशेष शृंगार के बाद बाबा का स्वरूप बेहद मनोहारी नजर आया।

ब्रह्म मुहूर्त में 108 लीटर दूध से अभिषेक

मंदिर के महंत घनश्याम दुबे ने बताया कि हरियाली शृंगार की धार्मिक परंपरा के तहत ब्रह्म मुहूर्त में बाबा कालभैरव का विधि-विधान से पूजन और अभिषेक किया गया। बाबा का पंचामृत और 108 लीटर दूध से अभिषेक कराया गया। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई।

बाबा के विग्रह पर सिंदूर का विशेष लेप लगाया गया और उन्हें नूतन वस्त्र धारण कराए गए। अभिषेक और शृंगार के बाद बाबा को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान और भोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने बाबा के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया।

हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बाबा कालभैरव के विशेष हरियाली शृंगार की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों में बाबा के विशेष स्वरूप के दर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

मंदिर के बाहर और परिसर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने बाबा को पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामना की। हरियाली और फूलों से सजे मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।

आधी रात को सवा लाख बत्तियों से महाआरती

हरियाली शृंगार के अवसर पर आधी रात में बाबा कालभैरव की विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। सवा लाख बत्तियों से बाबा की महाआरती उतारी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस भव्य आरती के साक्षी बने।

महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा कालभैरव के जयकारों और घंट-घड़ियाल की ध्वनि से गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के मनोहारी हरियाली शृंगार के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।