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LPG गैस की किल्लत से काशी के अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की रसोई पर लगा ताला, बोले अजय राय- BJP सरकार ने अपनी कुनीतियों से काशी की 'अन्नदान'...

 
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वाराणसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक हालात का असर अब देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। रसोई गैस (एलपीजी) की कथित कमी के चलते वाराणसी के प्रसिद्ध मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की रसोई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। ट्रस्ट की एक शाखा में प्रसाद बनना पूरी तरह बंद हो गया है, जबकि दूसरी शाखा में गैस की बचत के लिए भोजन के मेन्यू में कटौती की जा रही है। वहीं इसे लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॅार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट कर भाजपा सरकार को घेरा है।

अजय राय ने अपने ट्वीट में लिखा, धर्म की नगरी काशी में आज जो हुआ वह हृदयविदारक है। गैस की किल्लत और बेतुके सरकारी नियमों के कारण माँ अन्नपूर्णा मंदिर में आज प्रसाद नहीं बन सका। लाखों भक्त खाली हाथ लौटे। भाजपा सरकार ने अपनी कुनीतियों से काशी की 'अन्नदान' की महान परंपरा पर ग्रहण लगा दिया है। बाबा विश्वनाथ देख रहे हैं!


 




बता दें कि, काशी को मां अन्नपूर्णा की नगरी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता और मां अन्नपूर्णा सभी का पेट भरती हैं। लेकिन गैस सिलेंडरों की कमी के कारण यह परंपरा अब प्रभावित होती नजर आ रही है।

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एक शाखा की रसोई पूरी तरह बंद

ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार अन्नक्षेत्र की दूसरी शाखा में रसोई पूरी तरह बंद करनी पड़ी है। बताया गया कि उपलब्ध गैस सिलेंडर खत्म हो चुके हैं और नए सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण प्रसाद बनाना संभव नहीं हो पा रहा है।

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मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना लगभग 25 वर्ष पहले महंत रामेश्वर पुरी ने की थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि यहां प्रसाद वितरण कभी बंद नहीं होगा। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी इस अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन हजारों जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता रहा।

रोजाना हजारों श्रद्धालु करते हैं प्रसाद ग्रहण

सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन लगभग 8 से 10 हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में कई श्रद्धालुओं को बिना प्रसाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। दूर-दराज से काशी आए भक्तों को ट्रस्ट की ओर से बताया जा रहा है कि गैस की कमी के कारण फिलहाल प्रसाद बनाना संभव नहीं है।

श्रद्धालुओं में प्रसाद ना मिलने से निराशा

देश के अलग-अलग राज्यों से काशी पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने इस स्थिति पर निराशा जताई। उनका कहना है कि वे मां अन्नपूर्णा का प्रसाद ग्रहण करने की विशेष इच्छा लेकर आए थे, लेकिन यहां पहुंचने पर प्रसाद न मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

एक श्रद्धालु ने कहा कि वे पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ काशी आए थे, लेकिन गैस की कमी के कारण प्रसाद न मिलना दुखद है। कुछ श्रद्धालु इसे मां अन्नपूर्णा की परंपरा पर आया अस्थायी संकट मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

हालांकि ट्रस्ट की पहली शाखा में फिलहाल प्रसाद वितरण जारी है, लेकिन वहां भी गैस की बचत को ध्यान में रखते हुए सीमित संसाधनों के साथ व्यवस्था संचालित की जा रही है।