वाराणसी में बिजली व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत, DM ने लिया जीआईएस उपकेंद्र का जायजा
Varanasi : जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्माणाधीन 220/33 केवी जीआईएस (GIS) उपकेंद्र, कैंट (चौकाघाट), वाराणसी एवं उससे संबंधित लाइनों के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली विभाग तथा कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को कार्य की गुणवत्ता, मानकों और समयबद्धता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि उपकेंद्र की क्षमता 2×60 एमवीए है तथा इसकी डिजाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है। उपकेंद्र की बाउंड्री वॉल का निर्माण लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि 33 केवी जीआईएस बिल्डिंग की पाइलिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में 33 केवी जीआईएस बिल्डिंग के पाइलिंग कैप का लगभग 42 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि उपकेंद्र को पोषित करने वाली लाइन की कुल लंबाई 29.5 किलोमीटर ओवरहेड तथा 4.5 किलोमीटर भूमिगत केबल की है। लाइन के फाउंडेशन कार्य में अब तक 107 में से 52 फाउंडेशन पूरे किए जा चुके हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस उपकेंद्र के निर्माण से विधानसभा क्षेत्र वाराणसी उत्तरी एवं दक्षिणी में विद्युत आपूर्ति और उपलब्धता में गुणात्मक सुधार होगा। साथ ही क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विद्युत अतिभारिता (ओवरलोडिंग) की समस्या से भी निजात मिलेगी।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के अभियंता उपस्थित रहे।
