Movie prime

गंज शहीदा मस्जिद को लेकर आए आमने-सामने रेलवे और मुस्लिम पक्ष, कमेटी ने चस्पा किया जवाब; बोला- काशी स्टेशन से भी पुरानी है...

 
...
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: काशी रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और मॉडल रेलवे स्टेशन परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटा हुआ है। इसी क्रम में स्टेशन के समीप स्थित गंज शहीदा मस्जिद को रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया गया है। रेलवे की इस कार्रवाई के बाद मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

रेलवे प्रशासन ने मस्जिद परिसर में नोटिस चस्पा करते हुए 20 जून तक स्थल खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस लगने के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय और मस्जिद कमेटी खुलकर सामने आ गई है और रेलवे के दावे पर सवाल खड़े किए हैं।

मस्जिद कमेटी का कहना है कि गंज शहीदा मस्जिद का इतिहास काशी रेलवे स्टेशन से भी पुराना है। कमेटी के सदस्यों का दावा है कि मस्जिद का निर्माण उस समय हुआ था, जब काशी रेलवे स्टेशन का अस्तित्व भी नहीं था। ऐसे में रेलवे द्वारा इसे अपनी जमीन पर अवैध निर्माण बताना पूरी तरह गलत है।

विवाद उस समय और गहरा गया, जब मस्जिद कमेटी ने रेलवे के नोटिस के ठीक बगल में अपना जवाब भी चस्पा कर दिया। जवाब में कमेटी ने मस्जिद के ऐतिहासिक अस्तित्व का हवाला देते हुए रेलवे प्रशासन के दावे को खारिज किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मस्जिद लंबे समय से क्षेत्र में मौजूद है और यहां नियमित रूप से नमाज अदा की जाती रही है। वहीं रेलवे प्रशासन का पक्ष है कि स्टेशन के विस्तार और विकास कार्यों के लिए रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है।

फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। 20 जून की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन की अगली कार्रवाई और इस मुद्दे के समाधान पर टिकी हुई हैं।