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काशी में गंगा का पानी फिर बढ़ा, शीतला माता मंदिर में भी दोबारा बढ़ने लगा जलस्तर

 
काशी में गंगा का पानी फिर बढ़ा, शीतला माता मंदिर में भी दोबारा बढ़ने लगा जलस्तर
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Varanasi : पूर्वांचल समेत वाराणसी में लगातार बारिश के बाद गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। जलस्तर में दोबारा वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, वरुणा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के वे लोग जो राहत शिविरों से घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, उनकी वापसी भी फिलहाल रुक गई है।

69.29 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के राजघाट कार्यालय के अनुसार, गुरुवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 69.29 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरा बिंदु 71.262 मीटर निर्धारित है। वहीं, अब तक वाराणसी में गंगा का अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया जा चुका है।

जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी के बाद तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

वरुणा के बाढ़ प्रभावितों की घर वापसी पर लगा ब्रेक

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर वरुणा नदी के आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। गंगा का पानी पलटकर वरुणा में आने के कारण कई इलाके पहले ही बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

राहत शिविरों में रह रहे कुछ प्रभावित परिवार जलस्तर घटने के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन गंगा के दोबारा बढ़ते पानी ने उनकी उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है।

मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर फिर बढ़ी परेशानी

गंगा का जलस्तर बढ़ने से महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

घाटों पर सीमित स्थान उपलब्ध होने के कारण शवदाह में परेशानी हो रही है। वहीं, कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी गलियों तक पहुंचने से अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसके चलते शव लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी इंतजार करना पड़ रहा है।

शीतला माता मंदिर में फिर बढ़ने लगा पानी

जलस्तर में कमी आने के बाद शीतला माता मंदिर परिसर में पानी का स्तर कुछ घटा था, लेकिन अब गंगा के दोबारा बढ़ने से वहां भी स्थिति फिर चुनौतीपूर्ण होने लगी है।

मंदिर में पूजन व्यवस्था पहले से प्रभावित है। यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही और गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो स्थानीय लोगों की परेशानियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं।

नाव संचालन बंद, नाविकों की मुश्किलें बढ़ीं

गंगा में जलस्तर बढ़ने और परिस्थितियां प्रतिकूल होने के कारण नौका संचालन भी प्रभावित है। नाव संचालन बंद होने से नाविकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

फिलहाल तटवर्ती क्षेत्रों में लोग गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है, ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए आने वाले घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।