गंगा का जलस्तर बढ़ा, बदला काशी विश्वनाथ धाम की गंगा आरती का स्थान; जल्द दशाश्वमेध और शीतला घाट पर भी बदलाव की संभावना
वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा में आई बाढ़ का असर अब धार्मिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जलस्तर बढ़ने के कारण श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर से आयोजित होने वाली गंगा आरती का स्थान बदल दिया गया है।
पहले गंगा आरती का आयोजन ललिता घाट स्थित प्लेटफॉर्म पर किया जाता था, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए अब आरती सेल्फी प्वाइंट के पास निर्धारित नए स्थान पर कराई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन होने वाली मां गंगा की आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और महत्व रखती है। ऐसे में आरती का स्थान बदले जाने से श्रद्धालुओं को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, आरती की परंपरा और आयोजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वहीं, गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में दशाश्वमेध और शीतला घाट की गंगा आरती के स्थान में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि गंगा जल्द ही काशी की गलियों की ओर रुख कर सकती हैं।
हर शाम होने वाली गंगा आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह आयोजन काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। बाढ़ के कारण आरती का स्थान जरूर बदला है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और आयोजन की निरंतरता बरकरार है।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने काशी विश्वनाथ धाम की आरती का स्थान जरूर बदल दिया है, लेकिन आस्था की लौ अब भी उसी तरह जल रही है।
