काशी में बनेंगे थीमैटिक पार्क: संविधान से कबीर तक, 9 उद्यानों में दिखेगी संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रभक्ति की झलक
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब अपने पार्कों के जरिए भी इतिहास, विरासत और राष्ट्रभावना की नई पहचान गढ़ने जा रही है। वाराणसी नगर निगम ने शहर के विभिन्न उद्यानों को अलग-अलग विषयों पर विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस परियोजना के तहत पहली बार शहर में थीमैटिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां प्रत्येक पार्क किसी विशेष विषय पर आधारित होगा। इन पार्कों का उद्देश्य केवल हरियाली और मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों, बच्चों और पर्यटकों को शिक्षा, संस्कृति, इतिहास और स्थानीय विरासत से जोड़ना भी होगा।
पहले चरण में बनेंगे संविधान और वार मेमोरियल पार्क
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार, पहले चरण में दो पार्कों का विकास किया जाएगा। मलदहिया स्थित नील कॉटेज पार्क को संविधान पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां भारतीय संविधान की मूल भावना, संविधान निर्माताओं के योगदान, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य और लोकतांत्रिक मूल्यों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
वहीं बादशाह बाग पार्क को वार मेमोरियल पार्क का स्वरूप दिया जाएगा, जहां देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की गाथाएं, सैन्य इतिहास और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आकर्षक तरीके से प्रदर्शित की जाएंगी।

नौ पार्कों को मिलेगी अलग-अलग थीम
नगर निगम की योजना के तहत शहर के कुल नौ पार्कों को अलग-अलग थीम पर विकसित किया जाएगा। दुर्गाकुंड पार्क को कबीर दास पार्क बनाया जाएगा, जहां संत कबीर के जीवन, उनके दोहों, दर्शन और सामाजिक संदेशों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा कैंटोनमेंट क्षेत्र में जीआई पार्क विकसित होगा, जिसमें बनारसी साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के खिलौने, धातु शिल्प सहित वाराणसी के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की जानकारी दी जाएगी। परियोजना में वेस्ट टू वंडर पार्क, ताल पार्क तथा संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित अन्य थीम पार्क भी शामिल हैं।
आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस पार्क
इन थीमैटिक पार्कों में आधुनिक लाइटिंग, आकर्षक मूर्तियां, डिजिटल डिस्प्ले, सूचना पट्ट, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र तथा बेहतर बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। नगर निगम का मानना है कि इन पार्कों के विकसित होने से पर्यटकों को काशी के मंदिरों और घाटों के साथ-साथ यहां की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और शिल्प विरासत को भी करीब से जानने का अवसर मिलेगा। वहीं स्थानीय बच्चों और युवाओं को संविधान, स्वतंत्रता संग्राम, संत परंपरा और स्थानीय इतिहास की जानकारी रोचक एवं सहज तरीके से प्राप्त होगी।
110 मालियों की होगी तैनाती
परियोजना के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। पार्कों के रखरखाव के लिए 110 मालियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही नगर निगम अपनी नर्सरी भी विकसित कर रहा है, जहां तैयार किए जाने वाले पौधों से पार्कों की हरियाली बढ़ाने के साथ शहर के सौंदर्यीकरण को भी नई गति मिलेगी।
