कालभैरव मंदिर में भक्तों से मारपीट: बुजुर्ग का गला दबाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी। कालभैरव मंदिर में गुजरात से दर्शन करने आए एक परिवार के साथ मारपीट और बुजुर्ग का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिवार की तहरीर पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
परिवार को अलग करने पर हुआ विवाद
गुजरात के नवसारी छापरा रोड स्थित रवि पार्क सोसायटी निवासी मुकेश भाई पटेल ने पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर वह अपने परिवार के साथ कालभैरव मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। निकास द्वार के पास दर्शनार्थियों की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और बैरिकेडिंग बंद कर दी, जिससे उनका परिवार अलग हो गया।
पीड़ित के मुताबिक उनकी मां बैरिकेडिंग के अंदर रह गईं, जबकि पिता और भाई बाहर रह गए। जब उनके पिता ने युवकों से परिवार को साथ जाने देने की बात कही तो आरोपियों ने उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।
वीडियो बनाने पर छीना मोबाइल, की पिटाई
मुकेश पटेल का आरोप है कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो युवकों ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके दाहिने पैर में चोट आई, जबकि उनकी मां के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के समय कालभैरव चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।
मंदिर परिसर में अव्यवस्था और वसूली के आरोप
कालभैरव मंदिर परिसर में आए दिन श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और कथित वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में पैसे लेकर दर्शन कराने का खेल भी चल रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देकर हतोत्साहित किया जाता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
करीब 20 दिन पहले दक्षिण भारत से आए एक परिवार ने मंदिर परिसर में गंडा पहनाने और नजर उतारने के नाम पर मनमानी रकम मांगने का आरोप लगाया था। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
वहीं अप्रैल में कानपुर से दर्शन करने आई एक युवती ने आरोप लगाया था कि मंदिर में सेल्फी लेने के दौरान दुकानदारों ने उसके साथ अभद्रता की और मंदिर से बाहर निकाल दिया।
इसके अलावा 10 मई को दिल्ली की प्रज्ञा गर्ग ने भी फूल-प्रसाद बेचने वालों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। युवती का कहना था कि शिकायत के बाद पुलिस ने उन्हें घंटों थाने में बैठाए रखा, जबकि आरोपी पक्ष को विशेष सुविधा दी गई।
क्या बोले अधिकारी
काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
