काशी विद्यापीठ में भगत सिंह को नमन, कुलपति बोले- ‘उनका अध्ययन और बलिदान आज के युवाओं की सबसे बड़ी पाठशाला’
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर सोमवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ भगत सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके योगदान और बलिदान को याद किया।
कुलपति प्रो. त्यागी ने केंद्रीय पुस्तकालय के सामने स्थित पार्क में भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
‘भगत सिंह केवल एक नाम नहीं, एक विचार हैं’
इस अवसर पर प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि भगत सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं। 23 वर्ष की अल्पायु में फांसी के फंदे को चूमने वाले भगत सिंह ने हमें सिखाया कि जीवन लंबा नहीं, महान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह की लेखनी, अध्ययन और बलिदान आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी पाठशाला है। भगत सिंह चाहते थे कि युवा केवल किताबें पढ़ने तक सीमित न रहें, बल्कि देश और समाज के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार भी बनें।

युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में योगदान का आह्वान
कुलपति ने कहा कि देश के युवाओं और विद्यार्थियों को भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए। उन्होंने युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, प्रो. के.के. सिंह, सम्पत्ति अधिकारी डॉ. एस.एन. सिंह और राजेश राय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
