वाराणसी में दो बड़ी हाउसिंग योजनाओं को मंजूरी, शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
वाराणसी: वाराणसी और मऊ में नई आवासीय योजनाओं को लेकर अहम निर्णय सामने आया है। आवास विकास बोर्ड की हालिया बैठक में वाराणसी की दो और मऊ की एक बड़ी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
हालांकि, बस्ती, मऊ और संतकबीर नगर समेत कुछ अन्य जिलों में प्रस्तावित योजनाओं को फिलहाल रोकते हुए आगे परीक्षण के बाद अगली बैठक में पेश करने का निर्णय लिया गया है।
जीटी रोड बाईपास योजना को हरी झंडी
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला के मुताबिक, वाराणसी की प्रस्तावित जीटी रोड बाईपास भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना के तहत 4.6870 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण को मंजूरी मिल गई है।
यह परियोजना शहर के एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। सड़क निर्माण पर करीब 31 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिससे यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
काशीद्वार योजना: 10 गांवों की जमीन से बनेगा नया टाउनशिप
बोर्ड ने वाराणसी की महत्वाकांक्षी काशीद्वार भूमि विकास योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 10 गांवों- पिंडरा, पिंडराई, समोगरा, बहुतरा, कैथोली, पुरारघुनाथपुर, बसनी, चकइंदर, जद्दूपुर और बेलवा की जमीन आपसी सहमति से खरीदी जाएगी।
इस परियोजना पर करीब ₹3,141 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जबकि कुल क्षेत्रफल 374 हेक्टेयर तय किया गया है।
पहले चरण में 270 हेक्टेयर भूमि पर कार्रवाई शुरू होगी, जबकि वन क्षेत्र, धार्मिक स्थलों और अन्य निर्माण वाले हिस्सों को फिलहाल योजना से बाहर रखा गया है।
मऊ में भी बड़ी योजना, ₹1391 करोड़ होंगे खर्च
इसी बैठक में मऊ जिले की गोरखपुर मार्ग भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत सहरोज, रेवरीडीह, मोहम्मदपुर सहरोज, मेघई सहरोज और डांडीखास गांवों की जमीन खरीदी जाएगी। इस पर करीब ₹1391 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत ₹125 करोड़ की सहायता दी गई है, जबकि बाकी खर्च आवास विकास परिषद वहन करेगी। इन परियोजनाओं के लागू होने से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हाउसिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
