TGT परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले दो सॉल्वर गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल
वाराणसी। टीजीटी परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर फर्जी तरीके से परीक्षा देने के मामले में गिरफ्तार दो सॉल्वरों को कोर्ट ने शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सहरसा जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र स्थित अमृतागढ़ निवासी अमृत राज आनंद और मधेपुरा जिले के आनंद विहार निवासी छोटू कुमार के रूप में हुई है।
पूछताछ में अमृत राज आनंद ने पुलिस को बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी दो-दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। उसे और उसके साथी को 20-20 हजार रुपये अग्रिम रूप से मिल चुके थे, जबकि शेष राशि परीक्षा परिणाम आने के बाद मिलने वाली थी। एमसीए पास और बीपीएससी की तैयारी कर रहे अमृत राज ने स्वीकार किया कि उसने पैसों के लालच में यह काम किया।
एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीएमश्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी अमन कुमार के बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी पाई गई। केंद्र के प्रधानाचार्य विश्वेश्वर सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी में मिसमैच पाया गया है।
पुलिस पूछताछ में फर्जी अभ्यर्थी ने अपना नाम छोटू कुमार बताया और कहा कि उसका साथी बाहर बैग लेकर खड़ा है। जांच के दौरान उसके पास से दो अलग-अलग प्रवेश पत्र और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार एक प्रवेश पत्र और आधार कार्ड अमन कुमार के नाम पर था, लेकिन उसमें फोटो अमृत राज आनंद की लगी हुई थी। वहीं दूसरा आधार कार्ड राजू कुमार निवासी मऊ के नाम पर था, जिसमें फोटो छोटू कुमार की लगी थी। इसके साथ मिला प्रवेश पत्र जौनपुर के तिलक धारी पीजी कॉलेज, विज्ञान सदन, हुसैनाबाद परीक्षा केंद्र का था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और इस पूरे सॉल्वर गैंग के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
