भ्रष्टाचार के आरोपों पर BHU में हंगामा, शिक्षक आज सिंहद्वार तक निकालेंगे पदयात्रा
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शिक्षकों और प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शिक्षकों ने प्रशासन पर दुर्व्यवहार, हठधर्मिता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
शिक्षकों द्वारा मंगलवार को ‘शिक्षक स्वाभिमान लोकतांत्रिक पदयात्रा’ निकाली जाएगी, जो शाम 5 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर से शुरू होकर विश्वविद्यालय के सिंह द्वार तक जाएगी। इस विरोध का मुख्य केंद्र विश्वविद्यालय का सेंट्रल रजिस्ट्री विभाग है।
शिक्षकों का आरोप है कि उप कुलसचिव का व्यवहार शिक्षकों के प्रति अपमानजनक और तानाशाहीपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारी को पद से हटाने की मांग की है। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों पर भी पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई है।
शिक्षकों ने कुलसचिव को भेजे अपने पत्र में 20 से अधिक मांगों का उल्लेख किया है। इनमें प्रमुख मांगें हैं- बीएचयू परिसर में IIT-BHU के हस्तक्षेप पर रोक, आवासीय भवनों का नियंत्रण IIT को न सौंपना, हेरिटेज इमारतों के ध्वस्तीकरण पर रोक, शोध बजट का अन्य मदों में उपयोग बंद करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।
इसके अलावा शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना की विसंगतियों को दूर करने, नियमित प्रोन्नति के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने और ‘एक व्यक्ति एक पद’ नियम को सख्ती से लागू करने की मांग भी उठाई है।
शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी समस्याओं को लेकर कुलपति से संवाद की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों की वजह से शिक्षकों और प्रशासन के बीच अविश्वास की स्थिति बनी हुई है।
