BHU में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट नियुक्ति पर बवाल, छात्रों ने कुलपति आवास पर किया प्रदर्शन
वाराणसी। Banaras Hindu University के Sir Sunderlal Hospital में चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) पद पर प्रस्तावित नियुक्ति को लेकर छात्र समुदाय ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने कुलपति आवास पर प्रदर्शन कर चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। साथ ही, कुलपति को ज्ञापन सौंपकर कहा कि सभी शिकायतों और आपत्तियों का निस्तारण होने तक नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता शिवांश सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि बीएचयू देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां होने वाली प्रत्येक नियुक्ति पूरी तरह योग्यता, नियमों और पारदर्शिता के आधार पर होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो आरोपों की निष्पक्ष जांच के बिना नियुक्ति करना विश्वविद्यालय की साख और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि चिकित्सा अधीक्षक पद की चयन प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं। ऐसे में संबंधित अभ्यर्थियों की पात्रता और पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराना आवश्यक है। छात्रों का कहना है कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के शीर्ष प्रशासनिक पद पर नियुक्ति पूरी तरह निष्पक्ष और नियमसम्मत होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विवादित चयन प्रक्रिया को बिना जांच के आगे बढ़ाया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।
कुलपति को सौंपे गए ज्ञापन में छात्रों ने चिकित्सा अधीक्षक पद की चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने, सभी शिकायतों के निस्तारण तक नियुक्ति पर रोक लगाने तथा पूरी प्रक्रिया को नियमों और योग्यता के आधार पर संपन्न कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे विश्वविद्यालय और सर सुंदरलाल चिकित्सालय की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता बनी रहेगी।
