वाराणसी के 15 वार्डों का होगा कायाकल्प, 3.26 करोड़ की विकास योजना पर टेंडर प्रक्रिया तेज, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड और ड्रेनेज का होगा काम
वाराणसी नगर निगम ने 3.26 करोड़ रुपये की लागत से 15 वार्डों की 62 सड़कों, गलियों और ड्रेनेज परियोजनाओं के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, जल निकासी, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और व्यायामशाला समेत कई विकास कार्यों से शहर की तस्वीर बदलने की तैयारी है।
वाराणसी: नगर निगम ने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3.26 करोड़ रुपये की लागत से 15 वार्डों की 62 सड़कों, गलियों और जनसुविधा परियोजनाओं के निर्माण एवं मरम्मत की प्रक्रिया तेज कर दी है। योजना के तहत इंटरलॉकिंग सड़कें, सीसी रोड, भूमिगत ड्रेनेज, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे।
15 वार्डों में शुरू होगा व्यापक विकास अभियान
नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भेलूपुर जोन के 12 वार्डों के अलावा गोला दीनानाथ (वार्ड-84), कमालपुरा (वार्ड-100), राजघाट (वार्ड-15) और करसड़ा प्लांट क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे।
इन क्षेत्रों की आंतरिक गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जाएंगी, सीसी रोड का निर्माण होगा और क्षतिग्रस्त चौकों की रिसेटिंग कराई जाएगी। इसका सीधा लाभ उन इलाकों को मिलेगा जहां लंबे समय से सड़कें खराब होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
ड्रेनेज सिस्टम होगा मजबूत, जलभराव से मिलेगी राहत
नगर निगम ने केवल सड़क निर्माण तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। शहर के कई हिस्सों में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए नेवादा, सुन्दरपुर, छित्तूपुर खास और खुशहाल नगर क्षेत्रों में भूमिगत ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है।
भिखारीपुर तिराहा से एपेक्स हॉस्पिटल तक ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाकर बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से कम करने का प्रयास किया जाएगा।
धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों का भी होगा विकास
नगर निगम की इस योजना में धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। साकेत नगर स्थित शीतला माता मंदिर के पास दो नए हॉल और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे। वहीं सीरगोवर्धनपुर में आधुनिक व्यायामशाला का निर्माण होगा।
इसके अलावा कमालपुरा मैदान के समीप स्थित चारकुंआ का जीर्णोद्धार किया जाएगा। नेवादा में सरदार वल्लभभाई पटेल और बिरदोपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के आसपास बाउंड्री वॉल, छतरी और रेलिंग का निर्माण भी इसी परियोजना का हिस्सा है।
इन इलाकों की बदलेगी तस्वीर
योजना के तहत भेलूपुर, सीरगोवर्धनपुर, अशोकपुरम, सुंदरपुर, भगवानपुर, मदनपुरा, बिरदोपुर, छोटी पियरी (गोला दीनानाथ) और कमलगड़हा (कमालपुरा) जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों और गलियों का व्यापक सुधार किया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी मिलेगा।
गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त मानक तय किए गए हैं। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और पूरा होने के बाद जियो टैगिंग कराई जाएगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच आईआईटी बीएचयू, राजकीय प्रयोगशाला अथवा NABL मान्यता प्राप्त लैब से कराना अनिवार्य होगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तीन साल तक ठेकेदारों की रहेगी जवाबदेही
नगर निगम ने इस बार रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों पर तय की है। नगर आयुक्त के अनुसार प्रत्येक निर्माण कार्य के बाद तीन वर्ष तक संबंधित कार्यदायी संस्था या ठेकेदार उसकी देखरेख और रखरखाव के लिए जिम्मेदार रहेगा। तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद ही परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि वापस की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी ठेकेदार के दस्तावेज अनुबंध के दौरान या बाद में फर्जी पाए जाते हैं, तो उसका अनुबंध तत्काल निरस्त करते हुए संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
