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वाराणसी के 6 परिषदीय स्कूल होंगे स्मार्ट, ₹12.50 करोड़ से बनेगी नई बिल्डिंग और आधुनिक कक्षाएं

वाराणसी के 70 साल पुराने छह परिषदीय विद्यालयों का ₹12.50 करोड़ से कायाकल्प होगा। एनसीएल सिंगरौली सीएसआर फंड से यह राशि देगी। चार स्कूलों का नवनिर्माण स्मार्ट सिटी और दो का जीर्णोद्धार आरईडी करेगा। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, CCTV, नए फर्नीचर, शौचालय, पेयजल और खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
 
वाराणसी
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वाराणसी: जिले के 70 साल पुराने छह परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) सिंगरौली ने इन स्कूलों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए अपने CSR फंड से ₹12.50 करोड़ देने का फैसला किया है। इसमें करीब ₹1 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं और टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

इस योजना के तहत चार विद्यालयों की नई बिल्डिंग स्मार्ट सिटी की ओर से बनाई जाएगी, जबकि दो स्कूलों का जीर्णोद्धार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) करेगा।

249 जर्जर स्कूलों की हुई थी पहचान

वाराणसी जिले में कुल 249 जर्जर परिषदीय विद्यालयों की पहचान की गई थी। इनमें से अब तक 91 विद्यालयों का नवनिर्माण कराया जा चुका है। बाकी जर्जर स्कूलों को भी चरणबद्ध तरीके से बेहतर और आधुनिक रूप देने की योजना पर काम चल रहा है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जर्जर स्कूलों को आधुनिक और मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का काम लगातार चल रहा है। प्राप्त धनराशि से छह विद्यालयों में जल्द काम शुरू कराया जाएगा।

इन छह स्कूलों का होगा कायाकल्प

योजना में वाराणसी के इन छह विद्यालयों को शामिल किया गया है-

  • माता प्रसाद प्राथमिक विद्यालय, चौकाघाट
  • प्राथमिक विद्यालय, छोहरा
  • कंपोजिट विद्यालय, पिसनहरिया पांडेयपुर
  • कंपोजिट विद्यालय, पियरीकला
  • प्राथमिक विद्यालय, मैदागिन
  • इंदिरा गांधी कंपोजिट विद्यालय, रामनगर


नई बिल्डिंग से लेकर स्मार्ट क्लास तक

कायाकल्प के तहत पुराने और जर्जर भवनों को हटाकर नए पक्के कमरे बनाए जाएंगे। स्कूलों में सुरक्षा दीवार और टाइल्स वाली कक्षाएं भी तैयार की जाएंगी।

बच्चों की पढ़ाई को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और स्मार्ट टीवी लगाए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए साफ पेयजल और अलग-अलग आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी। स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए नए ड्युअल डेस्क और शिक्षकों के लिए आधुनिक फर्नीचर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

खेल और सुरक्षा की भी होगी व्यवस्था

कायाकल्प योजना में सिर्फ पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं पर ही ध्यान नहीं दिया गया है। स्कूलों में बच्चों के लिए खेल का मैदान और झूले भी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही निर्बाध बिजली व्यवस्था, पंखे, लाइट, नई वायरिंग और CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इससे स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर पढ़ाई के साथ सुरक्षित माहौल तैयार करने में भी मदद मिलेगी। इस योजना के पूरा होने के बाद इन छह पुराने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को एक बेहतर और आधुनिक स्कूल का माहौल मिल सकेगा।