वाराणसी: रिश्वत लेकर मार्कशीट में जन्मतिथि संशोधन का आरोप, UP बोर्ड के उप सचिव साहब यादव पद से हटाए गए
वाराणसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में तैनात उप सचिव साहब सिंह यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर रिश्वत लेकर मार्कशीट में जन्मतिथि संशोधन कराने के गंभीर आरोप लगे थे। विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें उप सचिव पद से हटाकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में सह जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। उनकी जगह सह जिला विद्यालय निरीक्षक राजन सिंह को नया उप सचिव बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि साहब सिंह यादव पिछले पांच वर्षों से क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात थे। उन पर आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर एक छात्र की मार्कशीट में नियमों के विरुद्ध जन्मतिथि संशोधित कर दी गई। इस मामले में उप सचिव सहित पांच बाबुओं की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रभारी अपर सचिव दिनेश सिंह ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन निर्धारित समय में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
नियमों के अनुसार तीन वर्ष से अधिक पुरानी मार्कशीट में जन्मतिथि संशोधन का अधिकार केवल प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड सचिव कार्यालय को है। इसके बावजूद क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर ही उप सचिव के हस्ताक्षर से संशोधन कर अगले ही दिन छात्र को नई मार्कशीट जारी कर दी गई थी।
मामले का खुलासा गोरखपुर निवासी अंकित कुमार की शिकायत के बाद हुआ। अंकित ने बताया कि उसने वर्ष 2014 में नीना थापा इंटर कॉलेज, गोरखपुर से हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की थी और अपनी जन्मतिथि में संशोधन कराने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय के कई चक्कर लगाए। आरोप है कि कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राहुल चौरसिया ने उससे 40 हजार रुपये लेकर काम कराने का आश्वासन दिया और अगले ही दिन संशोधित मार्कशीट उपलब्ध करा दी।
मार्कशीट इतनी जल्दी जारी होने पर अंकित को संदेह हुआ, जिसके बाद उसने यूपी बोर्ड सचिव, प्रयागराज को शिकायत भेज दी। शिकायत के आधार पर हुई जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट में अभिलेखों में विरोधाभास, आवश्यक दस्तावेजों की कमी, जांच समिति की रिपोर्ट का अभाव, ओवरराइटिंग तथा हस्ताक्षरों से संबंधित गंभीर सवाल उठाए गए।
प्रभारी अपर सचिव दिनेश सिंह द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित जवाब एवं साक्ष्य मांगे गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह तक भी पहुंचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार देर शाम क्षेत्रीय कार्यालय के 15 बाबुओं के कार्य पटल भी बदल दिए गए। जिन कर्मचारियों के पटल बदले गए हैं उनमें गोपाल दास खरवार, प्रदीप कुमार, राम सूरत सोनकर, विजय कुमार पटेल, अजय प्रकाश पाल, अभिषेक यादव, सुनील कुमार मौर्या, नीरज कुमार वर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, मनोज कुमार सरोज, सुरेश कुमार-1, भोज प्रताप पाल, राहुल चौरसिया, मनोज कुमार मिश्र और सूरज त्रिपाठी शामिल हैं।
