वाराणसी : UGC कानून के समर्थन में उतरे अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ता, गांव-गांव ‘यूजीसी चौपाल’ लगाने का ऐलान
वाराणसी। देश में यूजीसी कानून-2026 को लेकर जारी विवाद के बीच अब इसके समर्थन में राजनीतिक दल भी खुलकर सामने आने लगे हैं। अपना दल (कमेरावादी) ने गांव-गांव ‘यूजीसी चौपाल’ लगाने का ऐलान किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लोगों को नई गाइडलाइन और इससे मिलने वाली सुरक्षा के बारे में जागरूक करेंगे।
शास्त्री घाट पर प्रदर्शन
बुधवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर अपना दल (कमेरावादी) के साथ विभिन्न सामाजिक एवं छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ता जुटे और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो’, ‘हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा-सबको मान’ और ‘शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो’ जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने कचहरी स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। एसीएम प्रथम को दिए गए पत्र में कहा गया कि जब तक यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वक्ताओं ने क्या कहा
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म या अक्षमता के आधार पर भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। उनका दावा था कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विनियम 2026 लाया है, जिसका उद्देश्य संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों के आधार पर चर्चा करने के बजाय प्रायोजित विरोध के जरिए इस विनियम को न्यायिक प्रक्रिया में उलझा दिया गया है। अस्थायी स्थगन के चलते यह मामला अदालत में लंबित है।
सरकार पर लगाए आरोप
वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विनियम किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि शोषण की परंपराओं पर रोक लगाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे ‘अगड़ा बनाम पिछड़ा’ की लड़ाई के रूप में पेश किया जा रहा है, ताकि बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
सभा में रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी और पायल तडवी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजेश पटेल, गगन प्रकाश यादव, राजेश प्रधान, उमेश चंद्र मौर्य, राजकुमार पटेल, योगीराज सिंह, देवराज पटेल, बलराम यादव, बाबू अली साबरी, रामलखन पाल, महेंद्र राजभर और सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संजय पटेल ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव संजय आर्य एडवोकेट ने किया।
आंदोलनकारियों ने साफ किया कि यूजीसी विनियम 2026 लागू होने तक उनका अभियान जारी रहेगा।
