वाराणसी: आलोक पाठक बने भारतीय रेलवे के अधिवक्ता, विधि जगत में हर्ष का माहौल
वाराणसी। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विधि विशेषज्ञ आलोक पाठक को भारतीय रेलवे का अधिवक्ता नियुक्त किए जाने पर अधिवक्ता समुदाय और उनके शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं और गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
आलोक पाठक इससे पहले भारत सरकार और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को अपनी विधिक सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। वर्तमान में वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), बैंक ऑफ बड़ौदा और यूको बैंक के अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संवैधानिक, दीवानी, वाणिज्यिक, बैंकिंग एवं संस्थागत मामलों में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को विधि जगत में व्यापक पहचान मिली है।
अधिवक्ता समुदाय का कहना है कि भारतीय रेलवे में उनकी नियुक्ति उनकी विधिक दक्षता, निष्पक्ष कार्यशैली, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता का सम्मान है। इसे वाराणसी के अधिवक्ता समाज के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।
इस अवसर पर सहयोगी विजय बहादुर सिंह, विनोद गुप्ता, सर्वेश पांडेय और तेजबहादुर सिंह सहित कई लोगों ने आलोक पाठक को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह अपने अनुभव, निष्ठा और कानूनी विशेषज्ञता के बल पर भारतीय रेलवे के हितों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करेंगे तथा विधि के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
