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पुलिसकर्मी बनकर बैंक से लिया 10 लाख का लोन, फर्जी निकले दस्तावेज; कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

वाराणसी में पुलिसकर्मी बनकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक ऑफ बड़ौदा से 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने का मामला सामने आया है। बैंक की जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने और लोन एनपीए होने के बाद कोर्ट के आदेश पर चौक थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

 
वाराणसी
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वाराणसी: चौक थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से 10 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि देवरिया के सलेमपुर निवासी एक व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर बैंक ऑफ बड़ौदा की नीचीबाग शाखा से लोन लिया और रकम हासिल करने के बाद उसकी अदायगी नहीं की। बैंक की शिकायत पर कार्रवाई न होने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जिसके आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिसकर्मी बनकर बैंक से लिया 10 लाख का लोन

मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक आनंद लखमानी की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके आधार पर चौक थाने में देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम बराठी निवासी त्रिगुना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बैंक की ओर से लगाए गए आरोप के मुताबिक, त्रिगुना ने 27 दिसंबर 2023 को बैंक की नीचीबाग शाखा से व्यक्तिगत ऋण के तहत 10 लाख रुपये लिए थे। ऋण प्रक्रिया के दौरान उसने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए अपना पता, मोबाइल नंबर, कर्मचारी कोड और अन्य जरूरी दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत किए।

जांच में फर्जी मिले दस्तावेज

बैंक की आंतरिक जांच में ऋण लेने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और अन्य जानकारियों में गड़बड़ी सामने आई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने जिन दस्तावेजों के आधार पर खुद को पुलिसकर्मी बताया था, वे कथित तौर पर फर्जी थे।

ऋण की रकम मिलने के बाद आरोपी ने बैंक को निर्धारित किस्तों का भुगतान नहीं किया। लगातार भुगतान नहीं होने के कारण ऋण खाता एनपीए हो गया। बैंक प्रबंधन की ओर से बकाया रकम जमा करने के लिए आरोपी को कई बार नोटिस भी भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

बैंक ने पहले थाने में दी थी शिकायत

बैंक प्रबंधन के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद बैंक की ओर से कार्रवाई की कोशिश की गई। बैंक प्रबंधक ने 20 मई को चौक थाने में शिकायत देकर मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर बैंक प्रबंधन ने न्यायालय की शरण ली।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

न्यायालय के आदेश के बाद चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैंक से रकम हासिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि ऋण लेने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज कहां तैयार किए गए और आरोपी ने बैंक से रकम हासिल करने के लिए किन-किन जानकारियों का इस्तेमाल किया।