BLW के आसपास अब नहीं भरेगा पानी! 45 करोड़ से बनेगा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर और आसपास के विस्तारित नगर निगम क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को वाराणसी नगर निगम और बीएलडब्ल्यू के बीच जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एमओयू हुआ। करीब 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे करीब 1.50 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
एमओयू पर राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा और बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने हस्ताक्षर किए। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने से जुड़े आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और अब परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
कंदवा और पहाड़ी गेट पर नहीं रुकेगा बारिश का पानी
स्थलीय निरीक्षण के दौरान बीएलडब्ल्यू और आसपास के इलाकों में जलभराव की मुख्य वजह नालों की कम क्षमता, कई स्थानों पर अवरोध और क्षतिग्रस्त ड्रेनेज व्यवस्था सामने आई थी। मानसून के दौरान इसका सबसे ज्यादा असर कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास दिखाई देता था।
जलभराव से स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती थी। इसके अलावा यातायात और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। अब समस्या के समाधान के लिए नाला-1 और नाला-2 के नाम से नए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। इससे बारिश के पानी की निकासी तेज और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
BLW परिसर की सड़कों और इमारतों को भी मिलेगी राहत
बीएलडब्ल्यू परिसर की बाउंड्री वॉल के आसपास और आंतरिक हिस्सों में पर्याप्त जल निकासी नहीं होने के कारण बारिश के समय आवासीय और कार्यालय परिसर में पानी भर जाता था। इससे रेल कर्मचारियों, उनके परिवारों और आम लोगों के आवागमन में परेशानी होती थी। नए ड्रेनेज नेटवर्क से परिसर में जलभराव की समस्या को नियंत्रित करने के साथ सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी पानी के कारण होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।
दो हिस्सों में होगा ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण
पूरी परियोजना को दो हिस्सों में बांटकर पूरा किया जाएगा। BLW की सीमा के भीतर ड्रेनेज निर्माण पर करीब 24 करोड़ रुपये बीएलडब्ल्यू खर्च करेगा। वहीं, बीएलडब्ल्यू परिसर की सीमा के बाहर नाले के निर्माण पर 21.03 करोड़ रुपये नगर निगम खर्च करेगा।
इस तरह कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित नाले ढके हुए और पक्के होंगे, जिससे जल निकासी के साथ आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।
डेढ़ लाख आबादी को मिलेगा सीधा फायदा
नगर निगम और बीएलडब्ल्यू के बीच हुए इस समझौते को शहर के इस हिस्से में जलभराव की समस्या से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद कंदवा, पहाड़ी गेट और बीएलडब्ल्यू परिसर से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाली करीब 1.50 लाख की आबादी को बारिश के दौरान बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि नगर निगम और बीएलडब्ल्यू का यह समझौता शहर में जलभराव की समस्या को जड़ से दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 45.03 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ड्रेनेज नेटवर्क डेढ़ लाख लोगों को राहत देगा।
