वाराणसी सेंट्रल बार चुनाव परिणाम: प्रेम प्रकाश अध्यक्ष, आशीष महामंत्री निर्वाचित
वाराणसी जिला सत्र न्यायालय में सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव परिणाम घोषित हुए। अध्यक्ष पद पर प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री पद पर आशीष कुमार सिंह विजयी रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से हुई और देर शाम नतीजे घोषित किए गए।
Varanasi : जिला सत्र न्यायालय परिसर में चल रहे बार एसोसिएशन चुनाव के तहत सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव परिणाम सामने आ गए हैं। सेंट्रल बार में अध्यक्ष पद पर प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री पद पर आशीष कुमार सिंह ने जीत दर्ज की है। दोनों के निर्वाचन के साथ ही समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
कचहरी परिसर के सभागार में सुबह 10 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव संचालन समिति की देखरेख में मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। परिणाम देर शाम तक घोषित किए गए।
सेंट्रल बार में 70.02 प्रतिशत मतदान
वाराणसी के सबसे बड़े अधिवक्ता संगठन सेंट्रल बार एसोसिएशन में कुल 7,636 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 5,347 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह कुल 70.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सेंट्रल बार के 20 पदों के लिए कुल 77 प्रत्याशी मैदान में थे।
एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन राधेलाल श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में 60 सहायक चुनाव अधिकारियों ने सहयोग किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक चुनाव बताते हुए कहा कि नए नेतृत्व का भव्य स्वागत किया जाएगा।

बनारस बार एसोसिएशन में भी मतगणना जारी
वहीं, बनारस बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की मतगणना भी सुबह 10 बजे से शुरू हुई। बनारस बार में कुल 5,610 मतदाता थे, जिनमें से 4,312 अधिवक्ताओं ने मतदान किया। यहां 76.86 प्रतिशत मतदान हुआ।
एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट अमरनाथ शर्मा के अनुसार अध्यक्ष पद पर 8, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर 5, उपाध्यक्ष पर 5, महामंत्री पद पर 8 और कोषाध्यक्ष पद पर 3 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। वहीं आय-व्यय निरीक्षक, संयुक्त मंत्री (प्रकाश व पुस्तकालय) और प्रबंध समिति सदस्य (15 वर्ष से कम वकालत अनुभव) के कई पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए।
अधिवक्ताओं को मिलेगा नया नेतृत्व
करीब एक माह से चल रही चुनावी सरगर्मियों के बाद आज वाराणसी के लगभग 10 हजार अधिवक्ताओं को नया नेतृत्व मिला है। अधिवक्ता समुदाय को उम्मीद है कि नव-निर्वाचित पदाधिकारी उनके हितों, अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
