वाराणसी: आम तोड़ने को लेकर दो पक्षों में झड़प, महिलाओं से अभद्रता, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप
वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में आम तोड़ने को लेकर दो पट्टीदार पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पीड़ित परिवार ने घर में घुसकर हमला, महिलाओं से अभद्रता, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मामले को लेकर परिवार पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा।
वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित उदयपुर गांव में आम तोड़ने के विवाद ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई, जिसमें दोनों पट्टीदार पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। पीड़ित परिवार ने विपक्षियों पर घर में घुसकर हमला करने, महिलाओं के साथ अभद्रता करने, तोड़फोड़ करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद घायल और डरे-सहमे परिवार के सदस्य पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और शरीर पर चोट के निशान दिखाकर कार्रवाई की मांग की।
आम तोड़ने से शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ा तनाव
उदयपुर गांव निवासी सीमा देवी पत्नी संजय तिवारी ने पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 24 मई की शाम करीब छह बजे उनके पट्टीदार आम के पेड़ से आम तोड़ रहे थे। जब परिवार की ओर से इसका विरोध किया गया तो आरोपित आक्रामक हो गए और विवाद मारपीट में बदल गया।
पीड़िता के अनुसार शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घर में घुसकर हमला और महिलाओं से अभद्रता का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान हमलावर घर के अंदर घुस आए और महिलाओं के साथ अभद्र एवं अश्लील हरकतें कीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परिवार के लोगों को जान बचाने के लिए घर के अंदर छिपना पड़ा।
आरोप है कि हमलावरों ने कच्चे मकान का नरिया-थपुआ तोड़ दिया। इसके अलावा गौशाला में लगा टिनशेड भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया और शौचालय में भी तोड़फोड़ की गई।
112 नंबर पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस
पीड़ित परिवार के मुताबिक घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
हालांकि परिवार का आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने पुलिस के सामने ही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने दावा किया कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया है।
स्थानीय पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
सीमा देवी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय उनके पति संजय तिवारी और भतीजे चंदन तिवारी को ही शांति भंग की आशंका में थाने पर बैठा लिया।
पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
