वाराणसी में मतदान केंद्र बदलने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने किया विरोध, जिला निर्वाचन अधिकारी से की यह मांग
वाराणसी में मतदान केंद्रों के संभावित स्थानांतरण के प्रस्ताव का महानगर कांग्रेस कमेटी ने विरोध किया है। अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पुराने मतदान केंद्र यथावत रखने, जनसुनवाई कराने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही निर्णय लेने की मांग की है।
वाराणसी: वाराणसी में कुछ मतदान केंद्रों को उनके वर्तमान स्थान से हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच महानगर कांग्रेस कमेटी ने इसका कड़ा विरोध जताया है। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बिना स्पष्ट, न्यायसंगत और सार्वजनिक कारण के मतदान केंद्रों का स्थानांतरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाताओं की सुविधा दोनों पर प्रभाव डाल सकता है।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि जानकारी मिली है कि जनपद के कुछ मतदान केंद्रों को उनके पूर्व निर्धारित स्थानों से हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है और इस संबंध में प्रशासनिक प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस प्रस्ताव पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराती है।
उन्होंने कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुगमता के साथ मतदान का अवसर उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि आयोग मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करता है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि वर्षों से संचालित और मतदाताओं के लिए सुविधाजनक मतदान केंद्रों को बिना किसी स्पष्ट कारण के स्थानांतरित किया जाता है, तो इससे आम मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं के लिए मतदान प्रक्रिया कठिन हो सकती है। इससे अधिकतम और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्वाचन आयोग के उद्देश्य पर भी असर पड़ सकता है।
राघवेंद्र चौबे ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि, वाराणसी जनपद के सभी पूर्व निर्धारित मतदान केंद्रों को यथावत रखा जाए।
- यदि किसी मतदान केंद्र का स्थानांतरण अपरिहार्य हो तो उसका स्पष्ट एवं लिखित औचित्य सार्वजनिक किया जाए तथा संबंधित क्षेत्र के नागरिकों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
- कोई भी निर्णय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों तथा निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव की संवैधानिक भावना के अनुरूप लिया जाए।
- किसी भी प्रकार के राजनीतिक अथवा बाहरी दबाव से मुक्त होकर केवल जनहित और मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को विश्वास है कि जिला निर्वाचन प्रशासन लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष निर्णय लेते हुए मतदाताओं के हितों की रक्षा करेगा।
