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वाराणसी में सपा नेता को खींचकर थाने ले गई पुलिस, दालमंडी चौड़ीकरण विरोध में हुआ था FIR

वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के विरोध के दौरान पुलिस ने सपा नेता इमरान को सरेआम गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद समर्थकों ने थाने के बाहर विरोध जताया। 1984 से लंबित नोटिस पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। प्रशासन 187 भवन गिराने और मुआवजा देने की प्रक्रिया चला रहा है।
 
दालमंडी चौड़ीकरण
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वाराणसी: वाराणसी के दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण और भवन ध्वस्तीकरण को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को और तेज हो गया, जब पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में शामिल सपा नेता इमरान उर्फ बबलू को नई सड़क क्षेत्र से सरेआम गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान इमरान पुलिस से खुद को छोड़ देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस टीम उन्हें थाने ले जाने पर अड़ी रही। गिरफ्तारी के तुरंत बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस ने इमरान को एक सिपाही की बाइक से चौक थाने पहुंचाया, जहां अब उनके समर्थकों की भीड़ लगी गई।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण और भवन गिराने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय महिलाएं और पुरुष विरोध में उतर आए थे। अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और स्टाफ के साथ नोकझोंक हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शिकायत के आधार पर चौक थाने में दो नामजद और लगभग तीस अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस अब गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है।

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) का दावा है कि जिस भवन पर कार्रवाई हो रही है, उसके खिलाफ 6 मार्च 1984 को नोटिस जारी किया जा चुका था। इसके बाद भवन स्वामी की तरफ से ना तो मानचित्र जमा किया गया और न ही कानूनी कार्रवाई का जवाब दिया गया, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। VDA ने मामले में साफ कहा कि यह कार्रवाई नियमानुसार है और सरकारी कार्य में बाधा को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दालमंडी क्षेत्र के कुल 187 भवनों को ध्वस्तीकरण लिस्ट में शामिल किया गया है, जिनके लिए लगभग 191 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। इनमें से 14 दुकान मालिकों ने मुआवजा स्वीकार कर आधिकारिक रूप से अनुमति भी दे दी है। हालांकि अब तक सिर्फ दो भवन ही तोड़े जा सके हैं, क्योंकि विरोध के चलते प्रशासन को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


दालमंडी को काशी की सबसे आधुनिक और सुंदर सड़क के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना का अगस्त में शिलान्यास किया था और राज्य सरकार ने इसके लिए 215.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के अनुसार सड़क के दोनों किनारों पर 3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ, हरियाली और बेहतर नगर शैली की सुविधाएं बनाई जानी हैं, ताकि यह क्षेत्र दिल्ली और बंगलुरु की प्रमुख सड़कों की तरह आकर्षक बन सके।

फिलहाल सपा नेता की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और पुलिस तथा प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं। समर्थकों का विरोध बढ़ रहा है और थाने के बाहर बैठा समूह आरोप लगा रहा है कि प्रशासन बिना संवाद के एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात कर दिया गया है और हालात नियंत्रण में करने की कोशिश जारी है।