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वाराणसी: देईपुर में 157 खातेदारों में 60 की बनी फार्मर आईडी, 31 अगस्त तक 100 परसेंट रजिस्ट्री का लक्ष्य

वाराणसी के देईपुर में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री कैंप का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत में 177 गाटों के 157 खातेदार हैं, जिनमें अब तक 60 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। प्रशासन ने 31 अगस्त 2026 तक सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री पूरी कराने का लक्ष्य तय किया है।

 
वाराणसी
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वाराणसी: किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को लेकर प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत देईपुर स्थित ग्राम पंचायत सचिवालय में संचालित फार्मर रजिस्ट्री कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 अगस्त 2026 तक सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए।

157 खातेदारों में अब तक 60 की बनी फार्मर आईडी

निरीक्षण के दौरान संबंधित लेखपाल सतीश चंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत देईपुर की खतौनी में कुल 177 गाटे दर्ज हैं। इनमें कुल 157 खातेदार हैं। अब तक इन खातेदारों में से 60 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।

सीडीओ ने मौजूदा प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य को अभियान के रूप में चलाया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को इसका लाभ मिल सके।

गांव में कैंप लगाकर किसानों की होगी रजिस्ट्री

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी नहीं बनी है, उनसे संपर्क स्थापित किया जाए। जरूरत के अनुसार किसानों को ग्राम पंचायत सचिवालय में संचालित कैंप तक लाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 अगस्त 2026 तक ग्राम पंचायत के सभी पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शत-प्रतिशत पूरी कराना सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जरूरी निर्देश

निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी, चोलापुर शिव प्रताप, उप निदेशक कृषि, वाराणसी अमित जायसवाल सहित फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लगाए गए कर्मचारी संतोष प्रजापति, आकाश साहनी और केशव प्रसाद यादव मौजूद रहे।

सीडीओ ने कैंप में चल रहे कार्य की स्थिति देखने के साथ ही संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बचे हुए किसानों से लगातार संपर्क कर उन्हें रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग दिया जाए और कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो।