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Varanasi Dussehra 2026: दशहरा पर वाराणसी में कहां-कहां होगा रावण दहन? बरेका में दोपहर 2 बजे बंद होंगे सभी गेट

वाराणसी में दशहरा मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। बरेका, मलदहिया और रामनगर में रावण दहन होगा। बरेका के सभी प्रवेश द्वार दोपहर 2 बजे बंद कर दिए जाएंगे। यहां शाम 4:30 बजे से रामलीला, आतिशबाजी और पुतला दहन का कार्यक्रम होगा। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को होगा।

 
Varanasi Dussehra 2026
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वाराणसी: बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व दशहरा मंगलवार को वाराणसी में धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न रामलीला स्थलों पर रावण वध की लीला होगी, जबकि बरेका, मलदहिया और रामनगर में रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान मेलों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। बरेका में आयोजन को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां मंगलवार दोपहर दो बजे सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।

बरेका में शाम 4:30 बजे से होगा कार्यक्रम

बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के केंद्रीय खेल मैदान में विजयादशमी का मुख्य आयोजन होगा। यहां शाम 4:30 बजे से रात 8 बजे तक भव्य रूपक रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके बाद आकर्षक आतिशबाजी होगी और फिर रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

कार्यक्रम में बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन को देखते हुए परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।

दोपहर 2 बजे बंद होंगे बरेका के सभी प्रवेश द्वार

दशहरा आयोजन के मद्देनजर बरेका के सभी प्रवेश द्वार मंगलवार दोपहर दो बजे बंद कर दिए जाएंगे। इन्हें शाम को रावण के पुतले का दहन होने के बाद खोला जाएगा। ऐसे में बरेका आने-जाने वाले लोगों को गेट बंद होने के समय का ध्यान रखना होगा।

बरेका, मलदहिया और रामनगर में जुटेंगे लोग

दशहरे पर वाराणसी में कई स्थानों पर रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी। बरेका, मलदहिया और रामनगर में रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। रामलीलाओं में रावण वध के साथ उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। नौ दिनों से चल रही रामलीला के समापन पर विजयादशमी का उल्लास मेलों के रूप में दिखाई देगा।

बुधवार को होगा मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन

मंगलवार को दशहरा होने के कारण परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन उसी दिन नहीं किया जाएगा। प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को एकादशी के दिन किया जाएगा।