पार्सल से असली सामान निकालकर बेचता था टीम लीडर, कंपनी को 54 लाख का चूना, धोखाधड़ी का केस दर्ज
वाराणसी: शिवपुर स्थित एक ई-कॉमर्स कंपनी के इंस्टाकार्ट सर्विसेज हब में 54 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी ने अपने ही टीम लीडर पर फर्जी रिटर्न की आड़ में पार्सलों से महंगे सामान निकालकर बेचने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर शिवपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑडिट के दौरान सामने आया पूरा फर्जीवाड़ा
कंपनी के इंफोर्समेंट ऑफिसर अवधेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोनभद्र के रेनुकूट निवासी निखिल विश्वकर्मा कंपनी में टीम लीडर के पद पर कार्यरत था। 7 अक्टूबर 2025 को हुई औचक ऑडिट के दौरान कई शिपमेंट संदिग्ध पाए गए। अगले दिन एपीएसटी टीम ने विस्तृत जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, शिपमेंट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच में निखिल की कथित भूमिका सामने आई।
ऐसे करता था लाखों रुपये का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने या परिवार के सदस्यों के नाम से फ्लिपकार्ट पर महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य उत्पाद ऑर्डर करता था। जब पार्सल शिवपुर हब पहुंचता, तो वह सिस्टम में उसे 'रिटर्न टू ओरिजिन' (Return to Origin) दिखा देता। इससे रिकॉर्ड में ऐसा प्रतीत होता कि सामान वापस कंपनी को भेजा जा रहा है।
इसके बाद आरोपी पार्सल खोलकर उसमें रखा असली और महंगा सामान निकाल लेता था। उसकी जगह पुराने, खराब या डुप्लीकेट सामान पैक कर पार्सल वापस भेज दिया जाता था। असली सामान को वह स्थानीय बाजार में बेचकर रकम अपने पास रख लेता था।
पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलीं
कंपनी की जांच के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले पुराने मोबाइल फोन खरीदता था। ये मोबाइल पांडेयपुर क्षेत्र में दुकान चलाने वाले राहुल नामक व्यक्ति से लिए जाते थे। पुराने और खराब फोन पार्सलों में रखकर वह पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देता था, ताकि पहली नजर में किसी को शक न हो।
कंपनी को 54 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
जांच रिपोर्ट के अनुसार, निखिल विश्वकर्मा ने अपनी जिम्मेदारी और सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए कंपनी को 54 लाख 16 हजार 780 रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाया। शुरुआती पूछताछ में उसने गबन की गई रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में भुगतान नहीं किया।
एफआईआर दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल था या नहीं, साथ ही चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
