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गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मामले में 14 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार और मांसाहार करने के वायरल वीडियो मामले में कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए 14 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने इसे गंभीर और अजमानतीय अपराध मानते हुए राहत देने से इनकार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।

 
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वाराणसी: गंगा में नाव पर रोजा इफ्तार करने और कथित तौर पर मांसाहार व अवशेष फेंकने के मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवम अमित यादव की अदालत ने सोमवार को सभी आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज अपराध गंभीर और अजमानतीय प्रकृति का है, ऐसे में जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।

क्या था मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ युवक गंगा में नाव पर इफ्तार करते दिखाई दिए थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने मांसाहार किया और उसके अवशेष गंगा में फेंके।

इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं?

आरोपियों के पक्ष में वकील ने दलील दी कि वीडियो में मटन या चिकन स्पष्ट नहीं दिख रहा है और कोई बरामदगी भी नहीं हुई है। वहीं अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए जमानत का विरोध किया।

धमकी का भी आरोप

वादी पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों के समर्थकों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई, जिस पर सिगरा थाने में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।