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वाराणसी में बिना मानक वाले गेस्ट हाउस पर कार्रवाई, 89 लाइसेंस रद्द, 437 आवेदन भी हुए खारिज

वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच बिना मानकों वाले होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यटन विभाग ने 89 लाइसेंस निरस्त किए हैं, जबकि पिछले छह माह में 1600 से अधिक आवेदनों की जांच के बाद 437 आवेदन खारिज कर दिए गए।
 
गेस्ट हाउस
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वाराणसी: काशी में तेजी से बढ़ रहे पर्यटकों की संख्या के बीच बिना मानकों के संचालित हो रहे अतिथि गृहों पर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने वाले बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) और होम स्टे के 89 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, पिछले छह माह में आए 1600 से अधिक आवेदनों की जांच के दौरान 437 आवेदन भी खारिज कर दिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों के आवेदन मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, उन्हें अतिथि गृह के रूप में संचालित नहीं किया जा सकता। ऐसे भवनों में पर्यटकों को ठहराते हुए पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पांच विभागों की संयुक्त टीम कर रही जांच

काशी में लगातार बढ़ रहे होम स्टे और अतिथि गृहों को देखते हुए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को भी सख्त किया गया है। जिलाधिकारी की ओर से नगर निगम, राजस्व, पर्यटन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की पांच सदस्यीय संयुक्त टीम गठित की गई है।

अब किसी भवन को बेड एंड ब्रेकफास्ट या होम स्टे का लाइसेंस जारी करने से पहले संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करती है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही लाइसेंस जारी किया जा रहा है।

1600 से अधिक आवेदनों की जांच, 437 में मिली खामियां

पिछले छह माह में पर्यटन विभाग को बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे के लिए 1600 से अधिक आवेदन मिले। संयुक्त टीम ने इन आवेदनों से जुड़े भवनों की जांच की तो 437 भवन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।

जांच में कई जगह पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं अधूरी मिलीं। इनमें अग्निशमन उपकरणों की कमी, आने-जाने के पर्याप्त रास्ते का अभाव, कमरों और बाथरूम के निर्धारित क्षेत्रफल से जुड़ी कमियां समेत अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं।

आपात स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा बनी बड़ी वजह

प्रशासन की जांच का मुख्य फोकस पर्यटकों की सुरक्षा पर है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन भवनों में आग या किसी अन्य विषम परिस्थिति में पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां अतिथि गृह का संचालन जोखिम भरा है।

इसी आधार पर मानकों को पूरा नहीं करने वाले आवेदनों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। 437 आवेदन खारिज करने के साथ संबंधित लोगों को ऐसे भवनों में अतिथि गृह संचालित नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है।

पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण में भी सख्ती

पर्यटन विभाग ने अब पेइंग गेस्ट हाउस के लाइसेंस की व्यवस्था के साथ बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर जोर दिया है। पहले से जारी लाइसेंस का नवीनीकरण करते समय भी नए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी कर दिया गया है।

यदि पुराने लाइसेंस वाले भवन भी नई शर्तों को पूरा नहीं करते हैं तो उनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है, बल्कि जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त किया जा रहा है।

बिना लाइसेंस पर्यटकों को ठहराया तो होगी कार्रवाई

प्रशासन ने साफ किया है कि केवल आवेदन कर देने या पहले लाइसेंस होने के आधार पर किसी भवन में पर्यटकों को ठहराने की अनुमति नहीं होगी। जिन भवनों के आवेदन खारिज हो चुके हैं या जिनका लाइसेंस निरस्त किया गया है, वहां अतिथि गृह का संचालन मिलने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।