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वाराणसी में ‘हाईटेक सट्टा गैंग’ का पर्दाफाश: पढ़े-लिखे युवक निकले बुकी नेटवर्क के खिलाड़ी, 4 गिरफ्तार 

वाराणसी में आईपीएल सट्टेबाजी का बड़ा खुलासा, कैंट पुलिस ने MBA और BTech पास चार युवकों को गिरफ्तार किया। मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए चल रहा था हाईटेक सट्टा नेटवर्क। पुलिस अब पूरे गिरोह और बुकी कनेक्शन की गहराई से जांच में जुटी है।

 
सट्टा गैंग
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वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में आईपीएल सट्टेबाजी के एक संगठित और हाईटेक नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने सभी को चौंका दिया। अर्दली बाजार स्थित टैगोर टाउन में शुक्रवार सुबह कैंट पुलिस और एसओजी-2 की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

MBA, BTech और BCom पास आरोपी

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं- कोई MBA पास है, तो कोई BTech और BCom डिग्रीधारी। ये सभी मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं और कुछ अच्छे पदों पर कार्यरत भी हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि जल्दी और अधिक पैसा कमाने की लालसा ने उन्हें सट्टेबाजी के इस अवैध नेटवर्क से जोड़ दिया।


मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए चल रहा था सट्टा कारोबार

जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म- वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से आईपीएल मैचों पर दांव लगा रहे थे। इनके पास से पांच मोबाइल फोन और लगभग 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन डिवाइसेज़ के डेटा की जांच कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

कोड वर्ड, डिलीट चैट और बुकी कनेक्शन की पड़ताल

व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग में कई संदिग्ध नाम कोड भाषा में दर्ज मिले हैं। कुछ डेटा आरोपियों द्वारा डिलीट भी किया गया है, जिसे रिकवर कराया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि नेटवर्क काफी संगठित और तकनीकी रूप से सक्रिय था।

रिचार्ज सिस्टम’ से चलता था सट्टा नेटवर्क

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि सट्टेबाजी में शामिल होने के लिए बुकी द्वारा विशेष आईडी दी जाती थी, जिसे रिचार्ज करना पड़ता था। ठीक मोबाइल प्रीपेड की तरह तय राशि जमा करने के बाद ही दांव लगाया जा सकता था। यह सिस्टम पूरे नेटवर्क को नियंत्रित और संगठित तरीके से चलाने में मदद करता था।


जहां एक ओर हाईटेक मोबाइल और ऐप का इस्तेमाल हो रहा था, वहीं पुराने सट्टोरियों के लिए पेन-कागज और की-पैड मोबाइल का भी उपयोग जारी था। इससे साफ है कि यह नेटवर्क हर स्तर के लोगों को जोड़कर काम कर रहा था, चाहे वह टेक-सेवी युवा हों या पारंपरिक खिलाड़ी।

नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगी पुलिस

कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के अनुसार, यह सिर्फ शुरुआत है। पूरे नेटवर्क, बुकी और अन्य जुड़े लोगों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस जल्द ही इस अवैध सट्टेबाजी रैकेट के बड़े खुलासे कर सकती है।