वाराणसी हेल्थ रैंकिंग में नंबर-2, लेकिन आयुष्मान कार्ड पर डीएम नाराज
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

होली से पहले हर हाल में मानदेय भुगतान
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ताओं सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी कर्मियों का मानदेय होली पर्व से पूर्व हर हाल में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड प्रगति पर नाराजगी
आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के कार्य में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर और मिसिरपुर के चिकित्सा अधीक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कार्य में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने सभी कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बीएचयू में हुई मातृ मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र मौर्य और मैटरनल कंसल्टेंट पूनम गुप्ता को जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य रैंकिंग में वाराणसी दूसरे स्थान पर
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश हेल्थ एक्सपोर्ट रैंकिंग में वाराणसी जनपद दूसरे स्थान पर है तथा 15 में से 8 इंडिकेटरों में प्रथम स्थान प्राप्त है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया, लेकिन आंकड़ों की प्रामाणिकता की जांच करने के निर्देश भी दिए। टीबी नोटिफिकेशन रेट और फोर एएनसी (चार प्रसव पूर्व जांच) की 100 प्रतिशत उपलब्धि की सत्यता की भी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
पीएम जन आरोग्य योजना में सुधार के निर्देश
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में प्रगति संतोषजनक न मिलने पर ब्लॉक काशी विद्यापीठ और चोलापुर के संबंधित ऑपरेटरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। ई-रुपी वाउचर के तहत अल्ट्रासाउंड सेवाएं संचालित न होने पर भी नाराजगी जताई गई।
मातृ मृत्यु समीक्षा और अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा
एमडीआर (मातृ मृत्यु समीक्षा) के अंतर्गत बीएचयू में हुई सभी मौतों की ऑडिट रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने तथा ट्रांजिट में हुई मृत्यु का अलग से विवरण देने के निर्देश दिए गए। एनआरसी में 55 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रेट पर असंतोष जताते हुए अगली बैठक तक 100 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा गया।
आरबीएसके कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों और ‘सबल काशी’ पोर्टल पर पंजीकृत 461 बच्चों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जनपद स्तरीय अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
