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वाराणसी में जमीन दिलाने के नाम पर 18 लाख की ठगी! PAC जवान से लोन कराकर रकम हड़पी, रियल एस्टेट कंपनी पर केस

वाराणसी में जमीन दिलाने का झांसा देकर 36वीं वाहिनी PAC के आरक्षी चालक से 18 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। रजिस्ट्री न कराने और रकम वापस न करने पर कैंट थाने में कस्तूरी रियल एस्टेट के डायरेक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
 
वाराणसी
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वाराणसी: जमीन दिलाने का झांसा देकर 36वीं वाहिनी पीएसी (PAC) के एक आरक्षी चालक से 18 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े लोगों ने सस्ते दाम पर प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर पहले बैंक से लोन कराया, फिर एडवांस के नाम पर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही पैसे लौटाए गए। शिकायत के आधार पर कैंट थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

कम कीमत में प्लॉट दिलाने का दिया था भरोसा

मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र स्थित रामपुर गांव निवासी संजय कुमार, जो वर्तमान में 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर में आरक्षी चालक के पद पर तैनात हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात मकबूल आलम रोड स्थित वरुणा गैरेज पर गौरव गुप्ता से हुई थी।

गौरव ने खुद को कस्तूरी रियल एस्टेट, कस्तूरी टीवी और विक्रांत फाइनेंस का संचालक बताते हुए कम कीमत में बेहतर जमीन दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद वह संजय कुमार को सारंग चौराहा स्थित अपने रेस्टोरेंट 'हाट एंड ग्रिल' ले गया, जहां अपनी टीम और परिजनों से परिचय कराया।

60 लाख का प्लॉट दिखाकर कराया सौदा

पीड़ित के अनुसार, बाद में पहड़िया स्थित अमनपुरी कॉलोनी में एक भूखंड दिखाया गया, जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई। बातचीत के बाद सौदा तय हुआ और एडवांस राशि जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई।

बैंक से लोन कराकर खातों में ट्रांसफर कराए 18 लाख रुपये

तहरीर के मुताबिक, 5 फरवरी 2025 को गौरव गुप्ता पीड़ित को बैंक ऑफ बड़ौदा की नदेसर शाखा ले गया, जहां उनका पर्सनल लोन कराया गया। इसके बाद एडवांस के नाम पर आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से गौरव गुप्ता, उसके बिजनेस पार्टनर आशीष कुमार कन्नौजिया और संदीप विश्वकर्मा के खातों में कुल 18 लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए गए।

न रजिस्ट्री हुई, न लौटाए पैसे

पीड़ित का आरोप है कि रकम मिलने के बाद आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। कई बार संपर्क करने और पैसे वापस मांगने पर भी केवल टालमटोल किया जाता रहा। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने नौकरी खत्म कराने और झूठे मुकदमे में फंसाने तक की धमकी दी।

तीनों आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कैंट थाने में गौरव गुप्ता, आशीष कुमार कन्नौजिया और संदीप विश्वकर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार, जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में करीब 10 लोग पहले भी गौरव गुप्ता और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।