रामपुर में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में वाराणसी के वकील हड़ताल पर, पूरे दिन न्यायिक कार्य से रहे विरत
वाराणसी I उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय में दिनदहाड़े अधिवक्ता फारूक अहमद खान की गोली मारकर हत्या की घटना से पूरे अधिवक्ता समाज में रोष व्याप्त है। इस घटना के विरोध में वाराणसी के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को आवश्यक बैठक बुलाकर कड़ा रोष जताया और पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
बैठक में मृतक अधिवक्ता की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बी.पी. सिंह, अखिलेश तिवारी एवं सुशील चन्द्र मिश्रा एडवोकेट के प्रस्ताव पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता वाराणसी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री डॉ. जितेन्द्र कुमार तिवारी एडवोकेट द्वारा किया गया।
वक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित न होने से ऐसी घटनाएं न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। बैठक के निर्णय के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को वाराणसी के अधिवक्ता पूरे दिन कोर्ट कार्य से विरत रहेंगे। यह फैसला अध्यक्ष, महामंत्री एवं संरक्षक की अनुमति से लिया गया है।
बैठक की सूचना एवं प्रस्ताव की प्रतिलिपि विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई है, जिनमें सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी, बनारस बार एसोसिएशन वाराणसी, न्यायालय भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण वाराणसी, मुख्य राजस्व अधिकारी, उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर तथा सदर तहसील बार एसोसिएशन वाराणसी शामिल हैं।
रामपुर की घटना में अधिवक्ता फारूक अहमद खान (45) की हत्या जिला पंचायत कार्यालय में एक क्लर्क असगर अली द्वारा लाइसेंसी रिवॉल्वर से की गई थी। विवाद की शुरुआत क्लर्क द्वारा अधिवक्ता की पत्नी के देर से आने पर टोकने से हुई, जिसके बाद हाथापाई में गोली चली। पत्नी भी घायल हुईं और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं में आक्रोश पैदा किया है, और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
