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शराब कारोबार में निवेश कर मुनाफे का झांसा, वाराणसी में 2.14 करोड़ लेने का आरोप; 1.03 करोड़ नहीं लौटाए

वाराणसी में शराब कारोबार में निवेश कर मुनाफे में हिस्सा देने का झांसा देकर 2.14 करोड़ रुपये लेने का मामला सामने आया है। छोटा लालपुर निवासी राजकुमार जायसवाल का आरोप है कि करीब 1.03 करोड़ रुपये अब तक वापस नहीं किए गए। लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
 
निवेश
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वाराणसी: शराब कारोबार में निवेश कर मुनाफे में हिस्सा देने का भरोसा देकर 2.14 करोड़ रुपये लेने और करीब 1.03 करोड़ रुपये वापस न करने का मामला सामने आया है। छोटा लालपुर निवासी राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने आफताब आलम, आफसा खातून, तेजू, गिरीश गोदाम संचालक और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शराब कारोबार में निवेश का दिया भरोसा

राजकुमार जायसवाल की शिकायत के मुताबिक, आफताब आलम और आफसा खातून शराब कारोबार से जुड़े हैं। आरोप है कि आफताब ने उन्हें शराब कारोबार में रकम लगाने पर होने वाले मुनाफे में हिस्सा देने का भरोसा दिलाया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच 24 दिसंबर 2025 को पार्टनरशिप और लाभांश की शर्तों को लेकर करार हुआ। इसके बाद राजकुमार ने कारोबार में निवेश के लिए कुल 2.14 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिए भेजे।

कुछ रकम लौटाई, फिर भुगतान टालने का आरोप

तहरीर के अनुसार, करार के बाद आरोपितों की ओर से कुछ-कुछ रकम वापस की जाती रही। हालांकि, बाद में भुगतान में टालमटोल शुरू हो गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्तमान में करीब 1.03 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।

राजकुमार का आरोप है कि उन्होंने कई बार अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। रकम लौटाने के लिए लगातार कहने पर मामला और बिगड़ गया।

रुपये मांगने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बकाया रकम मांगने पर आफताब, आफसा समेत अन्य आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसके साथ ही मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर आफताब आलम, आफसा खातून, तेजू, गिरीश गोदाम संचालक और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब करार, आरटीजीएस के जरिए हुए भुगतान और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।