लोन बंद कराने के नाम पर 30 लाख की ठगी, प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के दो एजेंटों पर केस
वाराणसी में बजाज फाइनेंस का लोन बिना अतिरिक्त ब्याज और चार्ज के बंद कराने का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने दो एजेंटों पर 23 लाख रुपये जमा कराने और लोन बंद न कराने का आरोप लगाया है। साइबर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
वाराणसी: लोन बिना अतिरिक्त ब्याज और फोरक्लोजर चार्ज के बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आशापुर की दैत्राबीर कॉलोनी निवासी अरविंद हरिनाथ यादव ने आरोप लगाया है कि बजाज फाइनेंस के दो डायरेक्ट सेलिंग एजेंटों ने उनसे लाखों रुपये जमा करा लिए, लेकिन न तो उनका लोन बंद कराया और न ही खाते की स्टेटमेंट व एनओसी दी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
33 लाख रुपये का लिया था फ्लेक्सी लोन
अरविंद हरिनाथ यादव के मुताबिक, उन्होंने बजाज फाइनेंस से फ्लेक्सी लोन के तहत 33 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसमें से वह 7.50 लाख रुपये जमा भी कर चुके थे। इसी दौरान अमन शर्मा नाम के व्यक्ति ने उन्हें कई मोबाइल नंबरों से फोन किया।
अरविंद का आरोप है कि अमन शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी अतिरिक्त ब्याज और फोरक्लोजर या क्लोजर चार्ज के पूरा लोन बंद करवा देगा। चूंकि अमन ने ही पहले उनका ऋण पास करवाया था, इसलिए उन्होंने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया।
विनय कश्यप के खाते में जमा कराए 23 लाख रुपये
पीड़ित के अनुसार, अमन शर्मा ने उन्हें विनय कश्यप नाम के व्यक्ति के बैंक खाते में जुलाई और अगस्त के दौरान कई बार में कुल 23 लाख रुपये जमा कराने को कहा। अरविंद ने रकम जमा कर दी। इस दौरान जब उन्होंने लोन खाते की स्टेटमेंट और एनओसी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि पूरा ऋण बंद होने के बाद दोनों दस्तावेज एक साथ उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
फोन उठाना बंद किया, नंबर भी किया ब्लैकलिस्ट
अरविंद का आरोप है कि पूरी रकम जमा कराने के बाद भी उन्हें लोन खाते की स्टेटमेंट और एनओसी नहीं मिली। वह लगातार इसकी मांग करते रहे, लेकिन अमन शर्मा हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात टालता रहा। शुरुआत में वह फोन पर अलग-अलग बातें करके उन्हें भरोसा दिलाता रहा, लेकिन बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। आरोप है कि उसने अरविंद का मोबाइल नंबर भी ब्लैकलिस्ट कर दिया।
बजाज फाइनेंस कार्यालय पहुंचने पर हुआ खुलासा
इसके बाद अरविंद तेलियाबाग स्थित बजाज फाइनेंस के कार्यालय पहुंचे और प्रबंधक से मामले की जानकारी ली। पीड़ित के मुताबिक, जांच के बाद प्रबंधक ने उन्हें बताया कि जिस एजेंट के माध्यम से उनका लोन कराया गया था, उसने अब तक कोई रकम जमा नहीं की है।
इसके बाद अरविंद को अपने साथ धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर पुलिस से की। उनकी तहरीर पर पुलिस ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड के डायरेक्ट सेलिंग एजेंट अमन शर्मा और विनय कश्यप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
