बनारस में अब चलेगी मुंबई जैसी लोकल ट्रेन! रेलवे ने शुरू किया सर्वे, पांच स्टेशनों के बीच दौड़ाने की तैयारी
वाराणसी। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और सड़क से सफर के बढ़ते खर्च के बीच रेलवे वाराणसी में लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मुंबई की तर्ज पर कम दूरी के यात्रियों के लिए लोकल ट्रेन चलाने की योजना पर रेलवे ने ट्रैफिक सर्वे शुरू कर दिया है। प्रस्तावित सेवा से सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने के साथ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सस्ता विकल्प मिलने की उम्मीद है।
रेलवे पहले यह आकलन कर रहा है कि प्रस्तावित रूट पर किस समय सड़क पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। इसके साथ ही उस समय मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही, रेलवे ट्रैक की व्यस्तता और उपलब्ध समय का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसी आधार पर लोकल ट्रेनों की संख्या और उनके फेरों का निर्धारण किया जाएगा।
चार कोच की MEMU ट्रेन चलाने की तैयारी
प्रस्तावित लोकल सेवा में चार कोच की MEMU (Mainline Electric Multiple Unit) ट्रेन चलाने की योजना है। MEMU इलेक्ट्रिक ट्रेन होती है, जिसे कम दूरी के रूट पर कई स्टेशनों पर रुकते हुए यात्रियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस ट्रेन की खासियत यह है कि स्टेशन से चलने के बाद यह अपेक्षाकृत कम समय में गति पकड़ लेती है। प्रस्तावित व्यवस्था में ट्रेन को समयबद्ध तरीके से चलाने की योजना है, ताकि रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को नियमित और सुविधाजनक परिवहन मिल सके।
पांच स्टेशनों के बीच चलाने की योजना
रेलवे के प्रस्ताव के मुताबिक लोकल ट्रेन को वाराणसी के पांच प्रमुख स्टेशनों के बीच चलाने की तैयारी है। प्रस्तावित रूट में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुल्लनपुर, हरदत्तपुर और राजातालाब शामिल हैं।
इस रूट पर पहले से ही यात्रियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में लोकल सेवा शुरू होने पर आसपास के इलाकों से शहर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त रेल विकल्प मिल सकता है।
अभी पैसेंजर ट्रेन पर निर्भर यात्री
फिलहाल वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बलिया-प्रयागराज रामबाग पैसेंजर (15131) समेत मौजूदा ट्रेनों का सहारा है।
उपलब्ध समय-सारिणी के अनुसार यह ट्रेन सुबह वाराणसी सिटी करीब 8:20 बजे पहुंचती है। इसके बाद वाराणसी जंक्शन करीब 8:45 बजे, बनारस करीब 9 बजे, भुल्लनपुर करीब 9:08 बजे, हरदत्तपुर करीब 9:13 बजे और राजातालाब करीब 9:21 बजे पहुंचती है। रेलवे इसी मौजूदा यातायात व्यवस्था और ट्रैक की उपलब्धता को ध्यान में रखकर प्रस्तावित लोकल सेवा का संचालन तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ट्रैक की व्यस्तता देखकर तय होंगे फेरे
लोकल ट्रेन चलाने के लिए सिर्फ यात्रियों की संख्या ही नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक की क्षमता और मौजूदा ट्रेनों की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण होगी। रेलवे प्रस्तावित रूट पर चलने वाली मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के समय का अध्ययन कर रहा है।
इसके बाद यह तय किया जाएगा कि लोकल ट्रेन को दिन में कितने फेरे लगाने हैं और किन समयों पर चलाना यात्रियों के लिए सबसे उपयोगी रहेगा। खास तौर पर सड़क पर हैवी ट्रैफिक वाले समय को भी सर्वे में शामिल किया जा रहा है।
वाराणसी में पहली बार इस तरह की पहल
जाम से जूझ रहे वाराणसी में कम दूरी के यात्रियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की यह पहल अहम मानी जा रही है। रेलवे की योजना सफल होने पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना सड़क से सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधन मिल सकता है।
रेल अधिकारियों ने फिलहाल परियोजना को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, अधिकारियों ने योजना को खारिज भी नहीं किया है और प्रस्तावित रूट पर ट्रैफिक व रेलवे परिचालन से जुड़े आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रस्तावित रूट की दूरी
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित स्टेशनों के बीच दूरी इस प्रकार है:
स्टेशन दूरी
- वाराणसी जंक्शन से बनारस 3 किमी
- बनारस से भुल्लनपुर 3 किमी
- भुल्लनपुर से हरदत्तपुर 5 किमी
- हरदत्तपुर से राजातालाब 6 किमी
इस तरह रेलवे अब यात्रियों की जरूरत, सड़क के ट्रैफिक और मौजूदा रेल परिचालन को एक साथ ध्यान में रखकर लोकल ट्रेन सेवा की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ट्रेन की संख्या, फेरे और संचालन का समय तय किया जाएगा।
