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काशी में अनोखी परंपरा: धधकती चिताओं के बीच नगर वधुएं अर्पित करेंगी नृत्यांजलि, महाश्मसान नाथ का होगा विशेष श्रृंगार

वाराणसी में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर महाश्मसान नाथ मंदिर में 23 से 25 मार्च तक तीन दिवसीय श्रृंगार महोत्सव आयोजित होगा। रुद्राभिषेक, भंडारा, भजन संध्या और तांत्रिक पूजन जैसे कार्यक्रमों के साथ यह आयोजन आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का विशेष केंद्र बनेगा।

 
काशी में अनोखी परंपरा
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वाराणसी: चैत्र नवरात्रि के अवसर पर काशी में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के बीच एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शहर के मणिकर्णिका घाट स्थित बाबा महाश्मसान नाथ मंदिर में 23 मार्च से 25 मार्च तक तीन दिवसीय श्रृंगार महोत्सव आयोजित होगा। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे।

महोत्सव की शुरुआत पहले दिन वैदिक विधियों के साथ रुद्राभिषेक से होगी। इसके बाद भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर को सजाया जाएगा। पूरे दिन पूजा-पाठ और आरती का क्रम जारी रहेगा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहेगा।

दूसरे दिन आयोजन को और व्यापक रूप देते हुए सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। शाम होते-होते मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जागरण का कार्यक्रम शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा।

महोत्सव के अंतिम दिन पारंपरिक तांत्रिक विधि से विशेष पूजन और अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन नगर वधुओं द्वारा नित्यांजली अर्पित करने की पुरानी परंपरा भी निभाई जाएगी, जो इस आयोजन की विशेष पहचान मानी जाती है। इसके बाद भव्य महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, घाट क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के कारण इस बार सभी आयोजन मंदिर परिसर तक ही सीमित रखे गए हैं। स्थान की कमी को देखते हुए व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किए गए हैं।

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं से समय का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों का ध्यान रखने की अपील की है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी अव्यवस्था के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

हर वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव काशी की प्राचीन परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।