वाराणसी: पेंशन अपडेटेशन की मांग को लेकर बैंक सेवानिवृत्त कर्मियों का विशाल धरना-प्रदर्शन
Varanasi : पेंशन अपडेटेशन सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक रिटायरिज फेडरेशन (AIBRF) के बैनर तले बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया के अंचल कार्यालय, महमूरगंज पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण का हिस्सा है, जो संसद के बजट सत्र तक अनवरत जारी रहेगा।

धरने में बड़ी संख्या में वरिष्ठ बैंक पेंशनभोगियों ने हिस्सा लिया। AIBRF के अनुसार, संगठन से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 3 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी जुड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में रिजर्व बैंक की तर्ज पर पेंशन अपडेटेशन, वर्ष 2012 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विशेष भत्ते पर सेवानिवृत्त लाभ, IBA समूह चिकित्सा बीमा पर शून्य GST, सरकार द्वारा IBA स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए शिकायत निवारण तंत्र का गठन, रिटायरीज संगठन के साथ वार्ता का अधिकार तथा अप्रैल 2024 से लंबित अनुग्रह राशि की वार्षिक समीक्षा शामिल हैं।

AIBRF वाराणसी यूनिट के सचिव राधेश्याम मिश्र ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्त पोषित पेंशन योजना कर्मचारियों के अंशदान से बनी है, जिसका वर्तमान जमा शेष 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। हर वर्ष ब्याज से पेंशन वितरण के बाद भी अधिशेष बढ़ रहा है, बावजूद इसके पिछले तीन दशकों से पेंशन अपडेटेशन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि AIBRF रिजर्व बैंक के फार्मूले के आधार पर पेंशन अपडेटेशन की मांग कर रहा है। रिजर्व बैंक के पेंशनभोगियों का पेंशन 2019 और 2024 में दो बार अपडेट हो चुका है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पेंशनभोगियों की मांग तीन दशक से लंबित है।

मिश्र ने यह भी कहा कि 80-85 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिक कड़ाके की ठंड में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 10 नवंबर 2020 के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने IBA की AGM में कहा था कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनकी पेंशन सेना के ‘वन रैंक वन पेंशन’ की तर्ज पर अपडेट होनी चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में एस.के. सेठ, राजेंद्र सिंह, जे.एन. सिंह, द्विवेदी वर्मार्य, श्यामलाल अग्रवाल, ए.के. तायल, कमलेश्वर त्रिपाठी, एन.के. श्रीवास्तव, आर.के. गौड़, एन.डी. पांडे, अनिल पांडे और पूर्णेंदु पांडे सहित कई वरिष्ठ पेंशनभोगी शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार, कुल 175 सेवानिवृत्त कर्मचारी धरने में शामिल हुए।
