वाराणसी में हजरत अली की विलादत पर ‘मौला अली जुलूस’, इंसानियत और भाईचारे का दिया गया संदेश
वाराणसी में हजरत अली की विलादत पर भव्य मौला अली जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी के बीच इंसानियत, भाईचारे और शांति का संदेश दिया गया। जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
वाराणसी: काशी में हजरत अली समिति के तत्वावधान में मौला-ए-कायनात हजरत अली की विलादत के अवसर पर भव्य मौला अली जुलूस का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और पूरे अकीदत, एहतराम और उत्साह के साथ जश्न मनाया। जुलूस के दौरान धार्मिक नारे, सलातो-सलाम और मौला अली की शान में कसीदे पढ़े गए।
मौलाना शाहिद अब्बास ने बताया कि हर वर्ष हजरत अली की विलादत के अवसर पर यह जुलूस निकाला जाता है। जुलूस टाउन हॉल से प्रारंभ होकर काली महाल, पीतल गंगा होते हुए दरगाह फातिमा तक पहुंचता है, जहां दुआ और कार्यक्रम का समापन होता है।
मौलाना शाहिद अब्बास ने कहा कि ‘अली डे’ मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि हजरत अली जैसी महान शख्सियत ने हक, इंसाफ और इंसानियत का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि हजरत अली ने कभी शिया-सुन्नी या अपने-पराए का भेद नहीं किया, बल्कि हर इंसान को बराबरी की नजर से देखा।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
