जलभराव पर सख्ती, 3 नई फल मंडी, 25 हजार पौधे... वाराणसी नगर निगम की बैठक में हुए कई बड़े फैसले
वाराणसी: मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम ने शहर में जलभराव और सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को आयोजित नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मेयर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बारिश के दौरान यदि किसी भी इलाके में जलभराव हुआ तो संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता की सीधी जिम्मेदारी तय होगी। लापरवाही मिलने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शहर के विकास, सफाई, पौधारोपण, स्ट्रीट लाइट, फल मंडी और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया।
जलभराव रोकने के लिए इंजीनियरों को अल्टीमेटम
बैठक में मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के सभी जलभराव संभावित क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित किया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां तुरंत मशीनें लगाकर पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गली पिट की सफाई युद्धस्तर पर पूरी कराई जाए ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति मिलने पर संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ सीधे जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई होगी।
पार्षदों ने उठाए सफाई और अधूरे विकास कार्यों के मुद्दे
कार्यकारिणी बैठक के दौरान पार्षदों ने शहर की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्षद सुशील कुमार गुप्ता ने कर्मचारियों की कमी के कारण वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने की समस्या सामने रखी। पार्षद अमरदेव यादव ने पार्कों में अनियंत्रित तरीके से बढ़ चुके पेड़-पौधों की छंटाई दस दिनों के भीतर अभियान चलाकर पूरी कराने की मांग की।
पार्षद माधुरी सिंह ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में हुए पौधारोपण का पूरा ब्यौरा मांगा, जबकि सुशीला ने शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को अगले 15 दिनों के भीतर पूरा कराने की मांग रखी।
शिवपुर समेत तीन स्थानों पर बनेगी आधुनिक फल मंडी
बैठक में पार्षद प्रवीण राय ने भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली जमीन पर प्रस्तावित पार्क और फल मंडी के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने शिवपुर में प्रस्तावित फल मंडी को भी दिसंबर तक पूरा कराने का सुझाव दिया। इस पर कार्यकारिणी की ओर से बताया गया कि शिवपुर सहित शहर के तीन स्थानों पर आधुनिक फल मंडियों का निर्माण कराया जाएगा।
15 जुलाई से शुरू होगा 25 हजार पौधारोपण अभियान
उपसभापति नरसिंह दास ने शहर में बड़े स्तर पर पौधारोपण का प्रस्ताव रखा। इसके तहत नगर निगम सीमा के भीतर रिंग रोड और हाईवे किनारे व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। 15 जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत लगभग 25 हजार पौधे लगाए जाएंगे। प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर ट्री गार्ड के साथ नीम, पीपल और पाकड़ जैसी प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे।
नगर निगम में होंगे विशेषज्ञों की नियुक्ति
नगर निगम ने अपनी प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता मजबूत करने के लिए कई विशेषज्ञों की संविदा पर नियुक्ति का निर्णय लिया है। एक वर्ष की अवधि के लिए क्रय एवं निविदा विशेषज्ञ, डिजिटलीकरण एवं ई-गवर्नेंस विशेषज्ञ तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे।
इसके अलावा कानूनी और संपत्ति संबंधी मामलों के बेहतर निस्तारण के लिए तहसीलदारों को विधि अधिकारी और संपत्ति अधिकारी के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी उठा सवाल
पार्षद मदन मोहन तिवारी ने शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों और अंधेरे वाले क्षेत्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ईएसएल कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद नई एजेंसी का चयन नहीं हो पाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि नई कंपनी के चयन की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जुलाई के पहले सप्ताह में टेंडर खुलने की संभावना है।
स्मार्ट काशी ऐप के निस्तारण पर भी हुई चर्चा
बैठक में स्मार्ट काशी ऐप की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। पार्षदों ने कहा कि ऐप पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। हालांकि नगर आयुक्त ने दावा किया कि ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण लगातार प्रभावी तरीके से किया जा रहा है और व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
कार्यकाल पूरा करने वाले सदस्यों को दी गई विदाई
बैठक के अंत में नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों का दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें औपचारिक विदाई दी गई। विदाई पाने वालों में उपसभापति नरसिंह दास, अमरदेव यादव, राजेश यादव 'चल्लू', प्रमोद राय, सुशील कुमार गुप्ता और हनुमान प्रसाद शामिल रहे।
