वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला, जलकल सरचार्ज शत-प्रतिशत माफ
नगर निगम की साधारण सभा में बड़ा फैसला लिया गया। आवासीय और मिश्रित भवनों पर जलकल सरचार्ज शत-प्रतिशत माफ कर दिया गया है। 31 मार्च तक पुराने जलकर पर उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वाराणसी: नगर निगम की साधारण सभा की बैठक सोमवार को टाउनहॉल में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत देने वाले कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा फैसला आवासीय और मिश्रित भवनों पर लगाए गए जलकल सरचार्ज को शत-प्रतिशत माफ करने का रहा।
सदन के निर्णय के अनुसार अब 31 मार्च तक पुराने जलकर पर उपभोक्ताओं को एक रुपये का भी सरचार्ज नहीं देना होगा। हालांकि यह छूट व्यावसायिक भवनों पर लागू नहीं होगी। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि माह के अंत तक संशोधित बिल जारी किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को तुरंत लाभ मिल सके।
यह मुद्दा पार्षद सुरेश कुमार चौरसिया ने सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जलकल विभाग ने बिना पूर्व सूचना के वर्षों का सरचार्ज जोड़कर बिल जारी कर दिए, जबकि पहले एकमुश्त समाधान योजना के तहत सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाता रहा है। सदन ने उनकी बात से सहमति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में उपसभापति नरसिंह दास ने बीएचयू पर लगाए जा रहे जलकर और सीवर कर का मामला भी उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय की अपनी जलापूर्ति और सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था है, ऐसे में टैक्स लगाना उचित नहीं है। इस पर सदन ने सहमति जताई और नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया कि बीएचयू के बिलों से जलकर, सीवर कर और ब्याज हटाकर संशोधित बिल जारी किए जाएं। साथ ही बकाया राशि को किस्तों में जमा करने की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया।
