MGKVP में छात्रों का विरोध प्रदर्शन, जिम के टूटे उपकरण को लेकर फूटा गुस्सा
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शिक्षा मंत्री के निरीक्षण के बाद भी जिम उपकरणों की खराब स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे नाराज़ छात्रों ने प्रदर्शन कर प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। छात्रों ने जिम उपकरण बदलने और संसाधनों में सुधार की मांग की है।
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय द्वारा निरीक्षण किए एक महीना बीत चुका है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी व्यवस्थाओं में सुधार लाने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। सोमवार को इस लापरवाही के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
छात्र नेता शिवम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं अब चरमराहट की हद पार कर चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फंड देती जा रही है, लेकिन प्रशासन में भ्रष्टाचार इस कदर फैला है कि सुविधाएं कागजों तक सीमित हैं।
छात्रों का कहना है कि जिम में लगाए गए उपकरण न सिर्फ पुरानी और घटिया क्वालिटी के हैं, बल्कि उनसे चोट लगने का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा सके, जिससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई है।
छात्रों का कहना है कि जिम की बदहाली तो सिर्फ एक उदाहरण है। विश्वविद्यालय के कई विभागों-खेल सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, प्रैक्टिकल उपकरण-सब जगह संसाधनों की भारी कमी है। छात्रों का कहना है कि इतिहास और प्रतिष्ठा से भरपूर इस विश्वविद्यालय में ऐसी लचर व्यवस्था बिल्कुल अस्वीकार्य है।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि जिम के सभी खराब उपकरणों को तुरंत बदलकर उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस सुधार नहीं किए गए, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे।
