वाराणसी: गंगा नदी पर NSG की मॉक ड्रिल, घेरा क्रूज, हेलिकॉप्टर से आतंकियों का तलाश अभ्यास
वाराणसी I वाराणसी की पावन गंगा नदी में रविवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। रविदास घाट के पास स्थित 'गंगोत्री क्रूज' पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने आतंकवादी हमले की स्थिति से निपटने के लिए एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास में एनएसजी के अलावा नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें भी सक्रिय रूप से शामिल रहीं। पूरा दृश्य किसी बॉलीवुड फिल्म के एक्शन सीन जैसा लग रहा था, लेकिन यह वास्तव में सुरक्षा बलों की तत्परता परखने वाली कवायद थी।
मॉक ड्रिल की शुरुआत रविवार की सुबह हुई, जो लगभग एक घंटे तक चली। अभ्यास के दौरान एक हेलिकॉप्टर गंगा नदी के ऊपर से गुजरते हुए क्रूज के ठीक ऊपर पहुंचा। हेलिकॉप्टर से एनएसजी के कमांडो रस्सी के सहारे हवा में लटकते हुए नीचे उतरे और क्रूज पर काल्पनिक आतंकवादियों की तलाशी लेने का अभ्यास किया। इसी बीच, घाट पर पहले से तैनात कमांडो ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया। यह नजारा इतना जीवंत था कि दूर से देखने वाले लोग हक्के-बक्के रह गए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत घाटों पर मौजूद आम नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर हटा दिया गया। एनडीआरएफ की टीम ने क्रूज के चारों ओर नावों से घेराबंदी कर ली, ताकि किसी भी संभावित अनचाही गतिविधि को रोका जा सके। वहीं, स्थानीय पुलिस ने घाटों की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी। इन उपायों से अभ्यास के दौरान कोई भी बाधा या खतरा पैदा न होने पाया।
सूत्रों के अनुसार, यह मॉक ड्रिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सुरक्षा तैयारियों की मजबूती परखने के मकसद से आयोजित की गई। आने वाले धार्मिक आयोजनों, पर्यटन सीजन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए यह जांच की गई कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बल कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं। अभ्यास में एनएसजी कमांडो ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बंधकों को मुक्त कराने और काल्पनिक आतंकवादियों को निष्क्रिय करने की पूरी प्रक्रिया का रिहर्सल किया।
