वाराणसी में मुहर्रम को लेकर हाई अलर्ट: ताजियों के साथ हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं
वाराणसी में मुहर्रम 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। प्रशासन ने ताजिया जुलूस, हथियार प्रदर्शन, डीजे की आवाज, सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
वाराणसी: आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम के अवसर पर किसी भी नई परंपरा की शुरुआत की अनुमति नहीं दी जाएगी। ताजिया जुलूस पारंपरिक मार्गों और वर्षों से चली आ रही व्यवस्थाओं के अनुसार ही निकाले जाएंगे। साथ ही ताजियों के साथ किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
शांतिपूर्ण माहौल में मनाएं पर्व: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान जनपद में सभी प्रमुख पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं और प्रशासन को विश्वास है कि मुहर्रम भी उसी परंपरा के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों की आस्था का सम्मान सर्वोपरि है और कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रखी जाए तथा जुलूस के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग किया जाए।
ताजिया स्थलों का होगा निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
जिलाधिकारी ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ताजिया रखने वाले स्थानों का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम, पंचायतीराज, विद्युत, जल निगम और लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश भी दिए।
नगर निगम और पंचायतीराज विभाग को ताजिया स्थलों एवं जुलूस मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाने, चूने का छिड़काव करने तथा नालियों और सीवर की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बढ़ती गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था, खराब हैंडपंप और आरओ प्लांट की मरम्मत तथा आवश्यक स्थानों पर पानी के टैंकर उपलब्ध कराने को कहा गया।
बिजली, सड़क और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
बैठक में विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि जुलूस मार्गों पर कहीं भी लटकते तार, क्षतिग्रस्त बिजली बॉक्स या खतरनाक विद्युत पोल न हों। साथ ही मुहर्रम के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
लोक निर्माण विभाग को ताजिया निकलने वाले मार्गों की सड़कों और गलियों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पेड़ों की छंटाई, सीवेज व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की मरम्मत को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
सोशल मीडिया और ड्रोन से होगी निगरानी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि त्योहार की गरिमा बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों की पहचान करना आसान हो गया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा न की जाए। किसी भी संदिग्ध या फर्जी सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस या प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे जनपद में सीसीटीवी कैमरों, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और ड्रोन कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों और चिन्हित स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
शांति समिति की बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एडीएम सिटी पंकज कुमार, डीसीपी गौरव वंशवाल, डीसीपी नीतू कादयान, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा सहित जनपद की विभिन्न मस्जिदों के इमाम और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की है।
