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जमीन ले लीजिए, हमें जहर दे दीजिए.. वाराणसी में SDM-किसानों में तीखी बहस, वर्ल्ड सिटी एक्सपो पर बवाल

वाराणसी के पिंडरा तहसील में वर्ल्ड सिटी एक्सपो टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण पर किसानों और SDM के बीच तीखी बहस हुई। भावुक किसान के बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमा गया।

 
वर्ल्ड सिटी एक्सपो
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वाराणसी: पिंडरा तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित वर्ल्ड सिटी एक्सपो टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया। रविवार को रामसिंहपुर गांव में आयोजित बैठक के दौरान एसडीएम पिंडरा और किसानों के बीच तीखी बहस हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में एक किसान भावुक होते हुए कहता नजर आ रहा है-
अगर सरकार जबरदस्ती हमारी जमीन लेना चाहती है तो लिखकर दे रहा हूं, जमीन ले लीजिए, लेकिन मुझे और मेरे परिवार को जहर दे दीजिए। न हम रहेंगे, न जमीन का झंझट रहेगा।

इस बयान के बाद बैठक में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बैठक में तहसील प्रशासन के अधिकारी और प्रभावित गांवों के दर्जनों किसान मौजूद थे, जिन्होंने भूमि अधिग्रहण को लेकर अपनी आपत्तियां और आशंकाएं खुलकर रखीं।

377 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा हरहुआ क्षेत्र में रिंग रोड फेज-1 के किनारे वर्ल्ड सिटी एक्सपो टाउनशिप विकसित की जा रही है। इसके तहत हरहुआ ब्लॉक के करीब 10 से 12 गांवों की लगभग 377 एकड़ कृषि भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से पूरा गांव उजड़ जाएगा और किसानों के पास रहने या खेती करने के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बचेगी। इसी विरोध के चलते ग्रामीणों ने किसान महापंचायत की घोषणा की थी, जिसे प्रशासन ने फिलहाल रोक दिया।

किसानों का आरोप- घर-बार उजाड़े जा रहे

बैठक के दौरान किसान सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि परियोजना के नाम पर 12 से 14 गांवों की जमीन ली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि - एक व्यक्ति को उजाड़कर दूसरे को बसाने का अधिकार सरकार को किस कानून ने दिया है? किसानों का कहना है कि वे मुआवजे से ज्यादा अपनी जमीन और जीवन बचाना चाहते हैं।

प्रशासन का दावा-संवाद से निकलेगा समाधान

एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने किसानों से शांतिपूर्वक बातचीत का भरोसा दिलाया और कहा कि सभी आपत्तियों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।