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वाराणसी में 12 जुलाई को महा पौधरोपण अभियान, हर वार्ड में मुफ्त मिलेंगे पौधे

वाराणसी में 12 जुलाई के पौधरोपण महाअभियान को लेकर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने पौधों की गुणवत्ता, जियो टैगिंग, संरक्षण और मुफ्त पौध वितरण के निर्देश दिए। काशीवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी की अपील भी की।
 
महा पौधरोपण अभियान
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वाराणसी: 12 जुलाई को प्रस्तावित राज्यव्यापी पौधरोपण महाअभियान को लेकर वाराणसी में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने सभी विभागों की तैयारियों का जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान केवल औपचारिकता न बने, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन साबित हो।

बैठक में मंत्री ने विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए पौधों की गुणवत्ता, समयबद्ध रोपण, जियो टैगिंग, नियमित सिंचाई और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, ताकि अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

बनारस की पहचान से जुड़े पौधों पर रहेगा विशेष फोकस

रविंद्र जायसवाल ने कहा कि पौधरोपण अभियान में काशी की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाए। उन्होंने पान और कत्था के साथ शहतूत, अर्जुन, चिरौंजी, महुआ और बेल जैसे पौधों के रोपण एवं वितरण पर विशेष जोर दिया, ताकि स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिल सके।

'प्रकृति का कर्ज चुकाने के लिए हर व्यक्ति लगाए पेड़'

बैठक के दौरान मंत्री ने काशीवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार में बड़ी मात्रा में लकड़ी का उपयोग होता है, जिससे पेड़ों की कटाई होती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जीवन में इतने पौधे अवश्य लगाए, जिससे प्रकृति का यह कर्ज पहले ही चुकाया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही यह अभियान सफल होगा।

हर वार्ड में मुफ्त पौध वितरण, प्रमुख स्थानों पर होगा व्यापक रोपण

मंत्री ने निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में नि:शुल्क पौध वितरण की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा प्रमुख सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, विद्यालय, सार्वजनिक संस्थान और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करें और अभियान के बाद पौधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

इन व्यवस्थाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

समीक्षा बैठक में पौधरोपण स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, सुरक्षित परिवहन, सिंचाई व्यवस्था, पौध संरक्षण, जियो टैगिंग और विभागवार जिम्मेदारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि 12 जुलाई से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।