होली-रमजान से पहले वाराणसी पुलिस अलर्ट, नई परंपराओं पर सख्त रोक, 10 बजे के बाद DJ बंद
Feb 18, 2026, 19:47 IST
WhatsApp Channel
Join Now
Facebook Profile
Join Now
Instagram Profile
Join Now
वाराणसी। होली और रमजान जैसे आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मोहित अग्रवाल ने सभी जोन के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, यातायात प्रबंधन, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। होली जुलूस, मटका फोड़, होलिका दहन तथा रमजान से जुड़े कार्यक्रम केवल परंपरागत और पूर्व निर्धारित स्थानों पर ही आयोजित होंगे। हांडी फोड़ भी उन्हीं स्थानों पर होगा, जहां पूर्व से आयोजन होता आया है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी और स्थानीय संभ्रांत लोगों के साथ समन्वय बैठक कर संभावित विवादों को पहले ही सुलझाने का निर्देश दिया गया है।
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर प्रतिबंधित
कमिश्नर ने शासन की मंशा के अनुरूप धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर न लगाने के निर्देश दिए। डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन कराना होगा। रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। यातायात व्यवस्था के लिए वैकल्पिक मार्ग, पर्याप्त पुलिस बल और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। जुलूसों के दौरान रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी की जाएगी।
लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
बैठक में लंबित विवेचनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। सभी विवेचनाओं को अधिकतम 60 दिनों में निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है। 60 दिन से अधिक किसी भी विवेचना को लंबित रखने के लिए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति आवश्यक होगी, अन्यथा संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराधों में तत्काल कार्रवाई
महिला संबंधी किसी भी शिकायत में तुरंत गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। शिकायत लेने में लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना सीयूजी फोन हर हाल में रिसीव करने के निर्देश दिए गए हैं।
यक्ष एप, ई-समन और साक्ष्य एप पर जोर
यक्ष एप को एकीकृत प्रणाली बताते हुए उसके प्रभावी उपयोग और नियमित डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए। ई-समन के जरिए प्राप्त वारंट और समन की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने को कहा गया। हर अपराध स्थल की तत्काल वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कर साक्ष्य एप (SID) पर डिजिटल साक्ष्य अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
यातायात और अतिक्रमण पर अभियान
सभी विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने का निर्देश दिया गया है। दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को बारकोड प्रणाली का पालन करना होगा। रांग साइड चलने वालों के खिलाफ धारा 281 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बारात और मैरेज लॉन के लिए गाइडलाइन
बारात में सड़क का दो-तिहाई हिस्सा यातायात के लिए और एक-तिहाई हिस्सा बारात के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। रात 10 बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मैरेज लॉन संचालकों को पार्किंग की समुचित व्यवस्था करनी होगी, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
गुमशुदा और साइबर अपराध पर विशेष निगरानी
हर गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक को नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। गांडीव पोर्टल, सीसीटीवी, बैंक खातों और सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से त्वरित तलाश के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर अपराध के प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर तत्काल जांच शुरू करने और प्रत्येक थाने में साइबर प्रभारी को कम से कम पांच मामलों की जिम्मेदारी देने को कहा गया है।
मिशन शक्ति, जल पुलिस और सीसीटीवी अभियान
कोचिंग, हॉस्टल और स्कूलों के आसपास छेड़खानी या पीछा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जल पुलिस को निर्देश दिया गया है कि बिना लाइफ जैकेट के कोई नाव संचालित न हो। उल्लंघन पर नाव जब्त कर कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी अभियान के तहत हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, स्कूल, वित्तीय कार्यालय और सर्राफा दुकानों में अनिवार्य रूप से कैमरे लगवाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पर्व आपसी भाईचारे और शांति के साथ संपन्न हों।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। होली जुलूस, मटका फोड़, होलिका दहन तथा रमजान से जुड़े कार्यक्रम केवल परंपरागत और पूर्व निर्धारित स्थानों पर ही आयोजित होंगे। हांडी फोड़ भी उन्हीं स्थानों पर होगा, जहां पूर्व से आयोजन होता आया है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी और स्थानीय संभ्रांत लोगों के साथ समन्वय बैठक कर संभावित विवादों को पहले ही सुलझाने का निर्देश दिया गया है।
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर प्रतिबंधित
कमिश्नर ने शासन की मंशा के अनुरूप धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर न लगाने के निर्देश दिए। डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन कराना होगा। रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। यातायात व्यवस्था के लिए वैकल्पिक मार्ग, पर्याप्त पुलिस बल और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। जुलूसों के दौरान रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी की जाएगी।
लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
बैठक में लंबित विवेचनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। सभी विवेचनाओं को अधिकतम 60 दिनों में निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है। 60 दिन से अधिक किसी भी विवेचना को लंबित रखने के लिए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति आवश्यक होगी, अन्यथा संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
महिला अपराधों में तत्काल कार्रवाई
महिला संबंधी किसी भी शिकायत में तुरंत गुमशुदगी या एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। शिकायत लेने में लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना सीयूजी फोन हर हाल में रिसीव करने के निर्देश दिए गए हैं।
यक्ष एप, ई-समन और साक्ष्य एप पर जोर
यक्ष एप को एकीकृत प्रणाली बताते हुए उसके प्रभावी उपयोग और नियमित डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए। ई-समन के जरिए प्राप्त वारंट और समन की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने को कहा गया। हर अपराध स्थल की तत्काल वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कर साक्ष्य एप (SID) पर डिजिटल साक्ष्य अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
यातायात और अतिक्रमण पर अभियान
सभी विक्रेताओं को निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाने का निर्देश दिया गया है। दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को बारकोड प्रणाली का पालन करना होगा। रांग साइड चलने वालों के खिलाफ धारा 281 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बारात और मैरेज लॉन के लिए गाइडलाइन
बारात में सड़क का दो-तिहाई हिस्सा यातायात के लिए और एक-तिहाई हिस्सा बारात के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। रात 10 बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मैरेज लॉन संचालकों को पार्किंग की समुचित व्यवस्था करनी होगी, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
गुमशुदा और साइबर अपराध पर विशेष निगरानी
हर गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक को नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। गांडीव पोर्टल, सीसीटीवी, बैंक खातों और सोशल मीडिया विश्लेषण के माध्यम से त्वरित तलाश के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर अपराध के प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर तत्काल जांच शुरू करने और प्रत्येक थाने में साइबर प्रभारी को कम से कम पांच मामलों की जिम्मेदारी देने को कहा गया है।
मिशन शक्ति, जल पुलिस और सीसीटीवी अभियान
कोचिंग, हॉस्टल और स्कूलों के आसपास छेड़खानी या पीछा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जल पुलिस को निर्देश दिया गया है कि बिना लाइफ जैकेट के कोई नाव संचालित न हो। उल्लंघन पर नाव जब्त कर कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी अभियान के तहत हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, स्कूल, वित्तीय कार्यालय और सर्राफा दुकानों में अनिवार्य रूप से कैमरे लगवाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पर्व आपसी भाईचारे और शांति के साथ संपन्न हों।
