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CM Dashboard Ranking: सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में चौथे स्थान पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, 22 मानकों में रही नंबर-1

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने पूरे उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। 22 प्रदर्शन संकेतकों में पहला स्थान और महिला अपराध, पीआरवी-112, गैंगस्टर कार्रवाई समेत कई मानकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कमिश्नरेट ने लगातार 11वें महीने टॉप-10 में अपनी जगह बरकरार रखी है।
 
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वाराणसी: मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यशैली का दम दिखाया है। पूरे उत्तर प्रदेश में कमिश्नरेट को चौथा स्थान मिला है। खास बात यह है कि वाराणसी पुलिस पिछले 11 महीनों से लगातार प्रदेश के टॉप-10 जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और समयबद्ध विवेचना जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर बेहतर प्रदर्शन ने कमिश्नरेट को यह उपलब्धि दिलाई है।

51 प्रदर्शन संकेतकों पर हुई रैंकिंग, 22 में प्रदेश में पहला स्थान

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग कुल 51 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (Key Performance Indicators) के आधार पर तैयार की जाती है। इनमें से 22 संकेतकों में वाराणसी कमिश्नरेट पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जबकि 10 अन्य मानकों में प्रदेश के टॉप-5 में जगह बनाई। उन्होंने कहा कि लगातार बेहतर प्रदर्शन पुलिस की जवाबदेही, तकनीकी निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई का परिणाम है।

PRV-112 की फुर्ती ने दिलाया पहला स्थान

आपातकालीन सेवाओं में भी वाराणसी पुलिस का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर रहा। जून महीने में पीआरवी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम केवल 5.26 मिनट दर्ज किया गया।

सबसे अहम बात यह रही कि 99.62 प्रतिशत मामलों में पुलिस 10 मिनट से भी कम समय में घटनास्थल पर पहुंची, जिसके आधार पर वाराणसी को इस श्रेणी में प्रदेश में पहला स्थान मिला।

गैंगस्टर और जघन्य अपराधियों पर लगातार सख्त कार्रवाई

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भी कमिश्नरेट का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। गैंगस्टर अधिनियम के तहत 99.15 प्रतिशत मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई, जबकि लंबित विवेचनाओं के 93.81 प्रतिशत मामलों का समयबद्ध निस्तारण कर वाराणसी पुलिस प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में शामिल रही। वहीं, जघन्य अपराधों में वांछित आरोपियों के खिलाफ 96.25 प्रतिशत कार्रवाई के साथ कमिश्नरेट ने पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया।

महिला अपराध के मामलों में पूरे यूपी में नंबर-1

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी वाराणसी पुलिस ने शानदार प्रदर्शन किया। हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, अपहरण और दहेज मृत्यु जैसे महिला अपराधों से जुड़े मामलों की विवेचना का 100 प्रतिशत निस्तारण कर कमिश्नरेट पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।

इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) अधिनियम से जुड़े मामलों में भी 100 प्रतिशत कार्रवाई करते हुए वाराणसी ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं पॉक्सो अधिनियम (POCSO) से संबंधित मामलों के निस्तारण में कमिश्नरेट को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।

तीनों जोन में विवेचना का बेहतर प्रदर्शन

कमिश्नरेट के काशी, वरुणा और गोमती जोन में दर्ज प्राथमिकी की विवेचनाओं का भी बेहतर निस्तारण किया गया। आंकड़ों के अनुसार, तीनों जोनों में 90.83 प्रतिशत मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिली।

जन सुरक्षा को प्राथमिकता, दिखने लगे सकारात्मक परिणाम

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टर, जघन्य अपराध, महिला अपराध और अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आधुनिक पुलिसिंग, त्वरित रिस्पॉन्स और प्रभावी कानून व्यवस्था के कारण जन सुरक्षा मजबूत हुई है और यही सकारात्मक परिणाम मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में भी साफ दिखाई दे रहे हैं।