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CM डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पांचवें स्थान पर, 22 सूचकांकों में प्रदेश में अव्वल
 

 
 CM डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पांचवें स्थान पर, 22 सूचकांकों में प्रदेश में अव्वल
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी अगस्त माह की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। कभी 70वें स्थान के आसपास रहने वाला कमिश्नरेट अब लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के शीर्ष पांच में पहुंच गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर पुलिस प्रबंधन, प्रभावी कार्रवाई और लगातार किए जा रहे सुधारों को दिया है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग 50 प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों पर आधारित है। वाराणसी पुलिस ने इनमें से 22 सूचकांकों में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि छह अन्य सूचकांकों में भी कमिश्नरेट शीर्ष पांच में शामिल रहा।

महिला अपराध और कानून-व्यवस्था में प्रभावी कार्रवाई

महिला अपराधों, एससी/एसटी अधिनियम और गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत शत-प्रतिशत कार्रवाई दर्ज की गई। इसके अलावा आबकारी, गैंगस्टर और गुंडा अधिनियम से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। नागरिक सेवाओं और अग्नि सुरक्षा एनओसी के मामलों का भी शत-प्रतिशत निस्तारण कर बेहतर अंक हासिल किए गए।

डायल 112 में प्रदेश में पहला स्थान

आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 के प्रदर्शन में भी वाराणसी कमिश्नरेट ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। अगस्त माह में पीआरवी ने औसतन 4.90 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई। कुल 20,191 मामलों में अधिकांश में 10 मिनट से कम समय में पुलिस सहायता पहुंची।

पाक्सो और जघन्य अपराधों के निस्तारण में भी बेहतर प्रदर्शन

पाक्सो अधिनियम के मामलों में 100 फीसदी प्रभावी कार्रवाई के साथ वाराणसी को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला। जघन्य अपराधों के निस्तारण में 96.42 फीसदी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में 94.92 फीसदी प्रदर्शन के साथ कमिश्नरेट चौथे स्थान पर रहा।

वहीं, गैंगस्टर अधिनियम के लंबित मामलों के निस्तारण में 98 फीसदी और वांछितों के खिलाफ कार्रवाई में 99.47 फीसदी प्रदर्शन दर्ज किया गया। इन दोनों सूचकांकों में भी वाराणसी शीर्ष पांच में शामिल रहा।

विवेचना की गुणवत्ता में भी सुधार

काशी, वरुणा और गोमती जोनों में 93.71 फीसदी गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारण दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता मजबूत हुई है।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी अगस्त माह की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। कभी 70वें स्थान के आसपास रहने वाला कमिश्नरेट अब लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के शीर्ष पांच में पहुंच गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर पुलिस प्रबंधन, प्रभावी कार्रवाई और लगातार किए जा रहे सुधारों को दिया है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग 50 प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों पर आधारित है। वाराणसी पुलिस ने इनमें से 22 सूचकांकों में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि छह अन्य सूचकांकों में भी कमिश्नरेट शीर्ष पांच में शामिल रहा।

महिला अपराध और कानून-व्यवस्था में प्रभावी कार्रवाई

महिला अपराधों, एससी/एसटी अधिनियम और गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत शत-प्रतिशत कार्रवाई दर्ज की गई। इसके अलावा आबकारी, गैंगस्टर और गुंडा अधिनियम से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। नागरिक सेवाओं और अग्नि सुरक्षा एनओसी के मामलों का भी शत-प्रतिशत निस्तारण कर बेहतर अंक हासिल किए गए।

डायल 112 में प्रदेश में पहला स्थान

आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 के प्रदर्शन में भी वाराणसी कमिश्नरेट ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। अगस्त माह में पीआरवी ने औसतन 4.90 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई। कुल 20,191 मामलों में अधिकांश में 10 मिनट से कम समय में पुलिस सहायता पहुंची।

पाक्सो और जघन्य अपराधों के निस्तारण में भी बेहतर प्रदर्शन

पाक्सो अधिनियम के मामलों में 100 फीसदी प्रभावी कार्रवाई के साथ वाराणसी को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला। जघन्य अपराधों के निस्तारण में 96.42 फीसदी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में 94.92 फीसदी प्रदर्शन के साथ कमिश्नरेट चौथे स्थान पर रहा।

वहीं, गैंगस्टर अधिनियम के लंबित मामलों के निस्तारण में 98 फीसदी और वांछितों के खिलाफ कार्रवाई में 99.47 फीसदी प्रदर्शन दर्ज किया गया। इन दोनों सूचकांकों में भी वाराणसी शीर्ष पांच में शामिल रहा।

विवेचना की गुणवत्ता में भी सुधार

काशी, वरुणा और गोमती जोनों में 93.71 फीसदी गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारण दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारों से जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता मजबूत हुई है।